भास्कर न्यूज । गिरिडीह होमगार्ड बहाली परीक्षा का रिजल्ट निकलने के दो माह बाद भी योगदान नहीं लेने पर मंगलवार को सभी सफल अभ्यर्थी उपायुक्त कार्यालय के समक्ष पहुंचे। वे एक जगह इकट्ठा होकर नियुक्ति सुनिश्चित कराने की मांग करने लगे। मौके पर युवक-युवतियों की भीड़ देखकर उपायुक्त रामनिवास यादव स्वयं अभ्यर्थियों के पास पहुंचे। उन्होंने अभ्यर्थियों को समझाते हुए कहा कि होमगार्ड की नियुक्ति कोई स्थायी सरकारी नौकरी नहीं है, बल्कि यह एक एनजीओ आधारित पार्ट टाइम सेवा है। उन्होंने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि वे भविष्य में पुलिस, सब इंस्पेक्टर या अन्य पुलिस बल पदों के लिए भी तैयारी करें। इसके बावजूद, उन्होंने सभी प्रक्रियाओं को पूरा कर सफल अभ्यर्थियों को योगदान दिलाने की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि 10-12 अभ्यर्थियों के मामले में न्यायालय में मुकदमा चल रहा था, और पुलिस जांच रिपोर्ट न आने के कारण विलंब हुआ था। इसके समाधान के बाद जल्द ही सभी सफल अभ्यर्थियों को योगदान दिला दिया जाएगा। उपायुक्त के आश्वासन के बाद अभ्यर्थी अपने-अपने घर वापस चले गए, लेकिन उन्होंने भी यह मांग दोहराई कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया में विलंब और अनिश्चितता नहीं होनी चाहिए। होमगार्ड पद पर सफल अभ्यर्थियों से बात करते डीसी। 708 रिक्त पदों के लिए शुरू हुई थी भर्ती प्रक्रिया, 599 हुए हैं सफल जिले में होमगार्ड की 708 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए अक्टूबर 2025 में उपायुक्त कार्यालय द्वारा भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस पद के लिए पांच हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। कार्यपालक दंडाधिकारी एवं जिला समादेष्टा के नेतृत्व में सभी अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच और लिखित परीक्षा अक्टूबर 2025 में संपन्न कराई गई। परीक्षा में कुल 599 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए। नवंबर माह में िरजल्ट जारी होने दो माह से अधिक बीत जाने के बाद भी सफल अभ्यर्थियों का योगदान नहीं हो पाया है।


