कहा-रिम्स परिसर के 1600 बेड वाले इनडोर क्षेत्र का रिनोवेशन करें रिम्स का व्यापक विस्तार होगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रिम्स का बेहतर मास्टर री-डेवलपमेंट प्लान तुरंत तैयार करने का आदेश अफसरों को दिया है। सीएम ने सोमवार को स्वास्थ्य, कल्याण और वन विभाग के अफसरों के साथ बैठक की। उन्होंने रिम्स के पुनर्विकास व विस्तार से संबंधित प्रस्तावित कार्य योजना की विस्तृत जानकारी ली। कहा कि रिम्स के री-डेवलपमेंट मास्टर प्लान में भविष्य को ध्यान में रखते हुए सभी चीजें सुसज्जित तरीके से व्यवस्थित करने की कार्य योजना बनाएं। देश में रिम्स की अलग पहचान होनी चाहिए। स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का आधुनिकीकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता है। री-डेवलपमेंट मास्टर प्लान में सभी हॉस्टल को एक जगह, सभी रेजिडेंशियल कांप्लेक्स को नॉर्थ ब्लॉक में शिफ्ट करने की योजना बनाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिम्स परिसर के 1600 बेड वाले इनडोर क्षेत्र का रिनोवेशन करें। बेसमेंट क्षेत्र को सील कर कार्य करें, ताकि बार-बार होने वाला वाटर लॉगिंग रोका जा सके। बैठक में रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार व मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हीरेंद्र बिरुआ भी उपस्थित थे। वाइल्डलाइफ सेंचुरी में आने वाले क्षेत्र में बाधाएं दूर करें, गांवों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाएं मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के तहत आने वाले ग्रामीण क्षेत्र के विकास कार्यों की बाधाओं को दूर करें। वन क्षेत्र में बसे गांवों में बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं वन विभाग के अधिकारियों की उदासीनता की वजह से नहीं मिल पा रही हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अजय कुमार सिंह सहित कई विभागों के सचिव व अफसर मौजूद थे। 4 नए आदिवासी कल्याण हॉस्टल का निर्माण समय पर करें: हेमंत हेमंत ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अफसरों से प्रस्तावित आदिवासी कल्याण हॉस्टल के टेंडर प्रक्रिया की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि रांची के वीमेंस कॉलेज (साइंस ब्लॉक) परिसर में 525 अनुसूचित जनजाति के छात्राओं के लिए छात्रावास का निर्माण और आदिवासी हॉस्टल कैंपस में 525 छात्रों के लिए छात्रावास का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। डालटनगंज स्थित बाईपास रोड रेड़मा में एसटी वर्ग के लिए 525-525 विद्यार्थियों का दो छात्रावास का निर्माण कार्य किया जाना है। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नवनिर्मित सभी छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोईया और फर्नीचर सहित सभी सुविधाएं दुरुस्त रहे। प्रस्तावित सभी छात्रावास निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत पूर्ण होनी चाहिए। मधुबन से पारसनाथ सड़क निर्माण की बाधा दूर करें: सीएम ने वन विभाग के अफसरों को निर्देश दिया कि मधुबन से पारसनाथ (सिकर) हिलटॉप तक जोड़ने वाली सड़क के पुनर्निर्माण कार्य की बाधाओं को जल्द दूर करें। यह एक महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है, इसके जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वन विभाग के जटिल नियमों की वजह से वन क्षेत्र में आने वाले गांवों के कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों में बाधा पहुंच रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं को पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


