चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गला कटने से 7 साल के बच्चे की मौत हो गई। वहीं, एक महिला वकील घायल हो गईं। दैनिक भास्कर में इसे लेकर सोमवार को प्रकाशित खबर पर सीजे रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने संज्ञान लिया है। हाई कोर्ट ने मुख्य सचिव को शपथ पत्र के साथ जवाब देने को कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद प्रदेश में चाइनीज मांझा कैसे बिक रहा है। अब इस पर 29 जनवरी को सुनवाई होगी। रायपुर के पचपेड़ी नाका क्षेत्र में पिता के साथ गार्डन जा रहा 7 साल का बच्चा चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। इससे बच्चे का गला कट गया। बुरी तरह लहूलुहान बच्चे को पास के हाॅस्पिटल ले जाया गया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मामले में महिला वकील पूर्णिमा कौशिर घायल हो गईं। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से उनकी उंगली कट गई। दैनिक भास्कर में इसे लेकर सोमवार को छपी खबर पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि वर्ष 2017 में चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस पर हाई कोर्ट ने पूछा कि इसके बाद भी बाजार में चाइनीज मांझा कैसे बिक रहा है? हाई कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजा देने पर भी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।


