इंदौर में दूषित पानी से हुई घटनाओं के बाद देवास नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधि सतर्क हो गए हैं। नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहर की पानी की टंकियों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया गया है। अब तक शहर की चार पानी की टंकियों का निरीक्षण किया जा चुका है। महापौर गीता अग्रवाल, नगर निगम इंजीनियर और पार्षदों की टीम ने इन टंकियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई टंकियों की बदहाल स्थिति सामने आई, जिसके बाद उनकी तत्काल साफ-सफाई और आवश्यक सुधार कार्यों के निर्देश दिए गए। नगर निगम द्वारा निरीक्षण के साथ ही सफाई कार्य भी तुरंत कराया जा रहा है। महापौर गीता अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम द्वारा पानी की टंकियों का लगातार औचक निरीक्षण जारी रहेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी गंदगी पाई जाएगी, वहां तुरंत सफाई कराई जाए। यदि कहीं अत्यधिक दूषित पानी मिलता है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुरानी और जर्जर टंकियों की मरम्मत के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निरीक्षण और सुधार कार्यों के कारण कहीं जल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसकी पूर्व सूचना नागरिकों को दी जाएगी। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इंदौर की घटना के बाद देवास में जनप्रतिनिधि पेयजल व्यवस्था की निगरानी में पूरी तरह सजग हैं, ताकि किसी भी प्रकार की गंभीर लापरवाही से बचा जा सके। इस निरीक्षण के दौरान महापौर गीता अग्रवाल के साथ विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, क्षेत्रीय पार्षदगण और नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।


