पुलिस की बर्बरता से आक्रोशित माली समाज:घर में घुसकर सीसीटीवी डीवीआर चोरी का आरोप; एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग, नहीं तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

जयपुर में पुलिस की कथित बर्बरता के खिलाफ माली-सैनी समाज ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है। राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के अनुसार, 9 जनवरी को श्याम नगर थाना क्षेत्र के कटेवा नगर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। रात साढ़े 9 बजे वर्दी और सिविल ड्रेस में 7-8 पुलिसकर्मी विधायक के पीए के साथ मोतीलाल सैनी के घर पहुंचे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मोतीलाल की पत्नी और पुत्र विजय सैनी को घसीटकर बाहर निकाला। जब मोतीलाल की बहुएं ममता और पिंकी सैनी और तीन पोतियां बीच-बचाव करने आईं, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इस दौरान 15 वर्षीय भूमि सैनी के सिर में गंभीर चोट आई। पुलिस ने मोतीलाल को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया, जिससे उनका बायां पैर फ्रैक्चर हो गया और रीढ़ की हड्डी में भी चोटें आईं। पड़ोस की एक लड़की ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद गहलोत ने बताया पुलिस ने घटना के साक्ष्य मिटाने के लिए घर में लगे सीसीटीवी का डीवीआर भी जबरन ले लिया। मोतीलाल और उनके पुत्र कैलाश को धारा 151 में गिरफ्तार कर बिना मेडिकल जांच के अगले दिन शाम 4:30 बजे तक थाने में बिना खाने-पीने के रखा गया। सिविल लाइन विधायक के दबाव में पुलिस ने मोतीलाल पर राजकार्य में बाधा डालने का झूठा मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की लगातार दबिश से परिवार दहशत में है। पीड़ित की एफआईआर अभी तक दर्ज नहीं की गई है, जिसके कारण उन्हें न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जांच की मांग महात्मा ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अनुभव चंदेल ने कहा कि घर के अंदर से पुरुष पुलिस कर्मी बिना किसी महिला पुलिस के महिलाओं को घसीटकर लाना,उनके साथ अभद्रता करना, उनकी लज्जा भंग करना कानून के दायरे से बाहर है। सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग का डीवीआर बिना मकान मालिक की अनुमति के पुलिस द्वारा उखाड़ कर लाना कानूनन गलत है और उसमें रिकॉर्ड साक्ष्यों को मिटाना भी दर्शाता है। किसी भी व्यक्ति के खुद के घर के अंदर से धारा 151 के तहत उन्हें गिरफ्तार करना कैसे संभव हो सकता है। उक्त घटनाक्रम में पुलिस कर्मियों के साथ में विधायक के पिए/कर्मचारी का होना जांच का विषय है। उन्होंने मांग की इस मामले की जांच दूसरे थाने से करवाई जाए। 10 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हुई एफआईआर सैनी अधिकारी कर्मचारी विकास संस्था के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भागचंद सैनी ने कहा कि स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा ने समाज के लोगों को एफआईआर दर्ज कराने व 10 दिन में श्याम नगर थाने के पुलिस कर्मियों को हटाने का आश्वासन दिया था लेकिन 10 दिन बीत जाने पर एफआईआर तक भी दर्ज नहीं की गई हैं। न्याय नहीं मिला तो माली समाज करेगा उग्र आंदोलन राजस्थान प्रदेश माली सैनी महासभा के प्रदेश महामंत्री भवानी शंकर माली ने कहा कि प्रदेश भर में पुलिस द्वारा सरकार के स्थानीय विधायकों के शह पर माली सैनी समाज पर व महिलाओं पर अत्याचार किए जा रहे हैं जो बर्दाश्त से बाहर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पुलिस द्वारा मोतीलाल सैनी के खिलाफ राज कार्य में बाधा डालने का झूठा मुकदमा वापस लिया जाए, वीडियो में नजर आ रहे दोषी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया जाए। उन्होंने कहा- उक्त प्रकरण की जांच दूसरे सर्कल के डीसीपी से करवाई जाए ।इसके लिए सरकार को चेतावनी देते हुए 7 दिन का अल्टीमेटम दिया है अन्यथा माली सैनी समाज की महापंचायत बुलाकर मोतीलाल सैनी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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