आगर मालवा के सुसनेर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कवराखेड़ी में ग्रामीणों ने निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखे जाने की मांग को लेकर गुरुवार को ग्राम पंचायत सचिव को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में गोशाला होने के बावजूद सरपंच की मनमानी के कारण ग्राम कंवराखेड़ी और दुल्याखेड़ी के निराश्रित गोवंश को गोशाला में नहीं रखा जा रहा है। लावारिस गोवंश से फसलों का हो रहा नुकसान ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लावारिस गोवंश के कारण दोनों गांवों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे किसानों को लगातार आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा गोशाला संचालन हेतु प्रति गाय 40 रुपए हर दिन दिए जा रहे हैं, इसके बावजूद निराश्रित गोवंश खुले में घूम रहा है, जो शासन की मंशा के विपरीत है। निराश्रित गोवंश को गोशाला में रखने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन की ओर से दी जा रही राशि के इस्तेमाल की जांच कर संबंधित राशि को जब्त किया जाए। साथ ही, निराश्रित गोवंश को तत्काल गोशाला में रखने के आदेश दिए जाएं और ग्राम पंचायत के सरपंच के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। दरअसल, सुसनेर जनपद क्षेत्र में एशिया का एकमात्र कामधेनु गौ अभयारण्य स्थित है। इसके बावजूद क्षेत्र में निराश्रित गोवंश की समस्या का बना रहना चिंताजनक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या के जल्द समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।


