विदिशा में सकल दिगंबर जैन समाज ने बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को एक व्यापक जनसेवा अभियान चलाया। पुष्य नक्षत्र के अवसर पर आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के द्वितीय समाधि दिवस पर हजारों बच्चों को निशुल्क स्वर्ण प्राशन आयुर्वेदिक औषधि पिलाई गई। यह आयोजन विदिशा जिले में एक अनुकरणीय पहल के रूप में सामने आया है। स्वर्ण प्राशन अभियान की शुरुआत माधवगंज चौराहे स्थित कांच मंदिर परिसर से की गई, जहां विशेष रूप से बनाए गए पंडाल में अभिभावक अपने बच्चों के साथ पहुंचे। मुनि श्री के आशीर्वाद के पश्चात बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक दी गई। यह अभियान किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के भेदभाव के बिना सभी बच्चों के लिए आयोजित किया गया। अभियान के अंतर्गत विदिशा नगर की 139 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं तथा 140 आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को आयुर्वेदिक औषधि पिलाई गई। जो बच्चे स्कूल या आंगनवाड़ी से जुड़े नहीं थे, उनके लिए माधवगंज केंद्र पर विशेष व्यवस्था की गई थी। शीतलहर के चलते नर्सरी से कक्षा पांच तक अवकाश होने के बावजूद बड़ी संख्या में परिजन बच्चों को लेकर केंद्रों पर पहुंचे। महिलाओं -युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई
इस सेवा कार्य में जैन समाज की महिलाओं और युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। लगभग 500 से अधिक स्वयंसेवकों ने नगर के विभिन्न केंद्रों पर स्वर्ण प्राशन वितरण का कार्य किया। परिजनों में बच्चों को स्वर्ण प्राशन दिलाने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। इस अवसर पर निर्यापक मुनि श्री संभवसागर जी महाराज ने कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की भूमि है और आज विश्व भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में विदिशा चातुर्मास के दौरान आचार्य गुरुदेव ने “इंडिया नहीं, भारत बोलो” का संदेश दिया था और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने की प्रेरणा दी थी। मुनि श्री ने कोरोना काल में आयुर्वेद की उपयोगिता को इसका सशक्त उदाहरण बताया। 16 संस्कारों में एक महत्वपूर्ण संस्कार
मुनि श्री ने स्वर्ण प्राशन को भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों में एक महत्वपूर्ण संस्कार बताते हुए कहा कि इसमें स्वर्ण भस्म, घी और औषधियों का मिश्रण शिशुओं को दिया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इससे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत होती हैं, पाचन तंत्र सुदृढ़ रहता है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। सकल दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया कि 0 से 16 वर्ष तक के बच्चों को उनकी आयु के अनुसार स्वर्ण प्राशन की खुराक दी गई। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों को स्वर्ण प्राशन पिलाकर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की थी। कार्यक्रम के दौरान संयुक्त कलेक्टर अनुभा जैन, एसडीएम एवं महिला बाल विकास अधिकारी विनीता कांसवा ने आचार्य श्री के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। अभियान की सफल आयोजन में ममता जैन, न्यू जैन हायर सेकेंडरी स्कूल, रिया जैन सीए, नेहा जैन सीए, महिला मंडल, समग्र पाठशाला समिति, शिक्षक-शिक्षिकाएं और मुनि सेवक समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष बडू चौधरी ने कहा कि समाज का लक्ष्य विदिशा के प्रत्येक बच्चे तक स्वर्ण प्राशन पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि जनसहयोग से इस अभियान को सफल बनाया गया है और आने वाले समय में लगभग 50 हजार बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के संयोजक संजय सेठ, अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी बडू, महामंत्री प्रदीप जैन एलआईसी और वित्त प्रभारी स्वतक जैन ने सभी सहयोगियों, स्वयंसेवकों, प्रशासन और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष शैलेंद्र बडू चौधरी ने बताया कि 50,600 बच्चों को स्वर्ण प्राशन की खुराक पिलाई गई।


