बुरहानपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय अनुभूति कैंप का समापन हो गया है। इस वर्ष 130 विद्यार्थियों ने वन क्षेत्र का भ्रमण कर पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के महत्व को करीब से जाना। यह अनुभूति कार्यक्रम गुरुवार को शुरू हुआ था और शुक्रवार को नावरा रेंज में संपन्न हुआ। वन विभाग की बीट मझगांव के कक्ष क्रमांक 289 में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने जंगल का भ्रमण किया। पूरा आयोजन पूर्णतः इको-फ्रेंडली रहा, जिसमें पॉलीथिन या उससे बने किसी भी उत्पाद का प्रयोग नहीं किया गया। विद्यार्थियों को कपड़े की टोपी, अनुभूति बुकलेट, पेन और किट वितरित की गई। शासकीय प्रेरक मांगीलाल कुल्हारे, कपिल वर्मा और गौरव सोनी ने वृक्षों की आधारभूत जानकारी, उनकी उपयोगिता, वन्यप्राणियों के इकोसिस्टम में महत्व, मृदा संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने के विषय में बताया। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया बच्चों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। पॉलीथिन बैग्स के उपयोग को कम करने की समझाइश दी गई और एक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने की शपथ ली। इस कैंप में शासकीय हाईस्कूल डाभियाखेड़ा, सीएम राइज स्कूल नावरा, अमुल्ला कलां और मझगांव के कुल 130 विद्यार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों में अमुल्ला कलां की सरपंच सुमन शिवनारायण पालवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष क्षितिज महाजन और मंडल महामंत्री अनिल पालवी विशेष रूप से उपस्थित रहे और बच्चों से संवाद किया। इस दौरान नेपानगर एसडीओ विक्रम सुलिया, नावरा रेंजर पुष्पेंद्र सिंह जादौन, लखनलाल वास्कले, डिप्टी रेंजर शिवनारायण तिवारी, मुकेश गिरी और रामसिंह निरंजन सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।


