भास्कर न्यूज| गिरिडीह साथी हाथ बढ़ाना… एक अकेला थक जाएगा… मिलकर बोझ उठाना… साथी हाथ बढ़ाना। क्लासिक फिल्म नया दौर का ये गाना कभी हर जुबान पर थी। लेकिन वर्तमान समय इस गाने की उल्टे बोल लोग गुनगुनाने लगे हैं। जब सहयोग के तौर पर लोग हाथ की जगह पैर का इस्तेमाल करने लगे हैं। दरअसल कोयला तस्करी में इस तरह का सहयोगात्माक नजारा गिरिडीह में देखने को मिल रहा है। जब सीसीएल से कोयला चोरी कर साइकल में लोड कर तस्करी के लिए ले जाया जाता है तो उपरी चढ़ाई में पार करना साइकिल चालक के लिए मुश्किल बन जाती है। ऐसे में पीछे पेशेवर बाइक सवार उसकी साइकल को लात से सहारा देता है और साइकल चालक आसानी से चढ़ाई को पार कर लेता है। इसके एवज में बाइक सवार को प्रति साइकल चढ़ाई पार कराने के लिए 200 रुपए देता है। गिरिडीह में इन दिनों इस तरीके से हर दिन 200 से 300 साइकिल सीसीएल क्षेत्र से चोरी का कोयला लेकर दिनदहाड़े विभिन्न थाना व बाजार होकर गुजरता है, लेकिन इस कालेधंधे पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे में साथी लात बढ़ाना… एक अकेला थक जाएगा… मिलकर बोझ उठाना… साथी लात बढ़ाना के गाने जुबान पर आ ही जाती है।


