शनिवार को शहर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौराहे पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस “मनरेगा बचाओ संग्राम” जन आंदोलन में कांग्रेस पदाधिकारियों ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए। योजना का मूल ढांचा खत्म करने की साजिश: कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। योजना की तकनीकी खामियों और बदलावों पर सवाल उठाते हुए कहा, “केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून की ‘आत्मा’ को खत्म कर दिया है। यूपीए सरकार द्वारा बनाया गया यह कानून ‘रोजगार पाने के अधिकार’ की गारंटी देता था, लेकिन अब इसमें ऐसे प्रावधान कर दिए गए हैं जिससे मजदूरों का हक छीना जा रहा है।” ’ऑन डिमांड’ काम और भुगतान पर संकट कांग्रेस नेताओं ने बताया कि मूल कानून में मजदूर द्वारा काम मांगे जाने पर 15 दिन के भीतर काम देने और समय पर मजदूरी भुगतान का प्रावधान था। यदि 15 दिन में काम नहीं मिलता था, तो बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था थी। 45 दिनों तक चलेगा आंदोलन कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत आगामी 45 दिनों तक लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने मांग की है कि यूपीए सरकार के समय के मूल स्वरूप को बहाल किया जाए और योजना में की गई अनियमितताओं को तुरंत दूर किया जाए। पार्टी के प्रवक्ता इमरान खान पठान ने बताया की इस दौरान कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार, प्रभारी लालसिंह झाला, सचिव दिनेश श्रीमाली, कृष्णपाल सिंह सिसोदिया, केशवचंद्र निनामा, धर्मेंद्र तेली, नवाब फौजदार, देवबाला राठौड़, पूर्व प्रधान प्रज्ञा, शाश्वत गरासिया, सुभाष निनामा, शामदाद खान, शाहरुख खान, आसिफ मुस्तफा, सुरेश कलाल, अरविंद डामोर, गायत्री खाट सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।


