भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R) अभियान ने मंदसौर में 22 वर्षों से बिछड़े एक परिवार को फिर से मिला दिया। पुलिस की संवेदनशील कार्रवाई और निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान सामने आई एक छोटी-सी जानकारी ने मां और बेटे के पुनर्मिलन का रास्ता खोल दिया। वर्षों से लापता बेटे को जीवित देखकर मां की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे। मामला मंदसौर शहर के ढाकरिया मोहल्ला, खिलचीपुरा निवासी विनोद पिता बालूराम गायरी (45) से जुड़ा है, जो वर्ष 2003 से लापता था। S.I.R अभियान के तहत मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया के दौरान विनोद ने ग्राम पंचायत से अपने माता-पिता का एपीक नंबर मांगा। यही जानकारी उसकी माता तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने थाना नई आबादी, मंदसौर में लिखित आवेदन दिया। लव मैरिज के बाद घर छोड़ दिया था
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना नई आबादी प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने ग्राम पंचायत और तहसील निर्वाचन कार्यालय मंदसौर से समन्वय कर विनोद के वर्तमान पते की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2003 में विनोद ने पुष्पा नामक युवती से प्रेम विवाह किया था और इसके बाद घर छोड़कर चला गया था। परिजनों ने उस समय उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी और वर्षों तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। नागौर के स्कूल में काम करता है विनोद
विनोद ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह अलग-अलग स्थानों पर मजदूरी करता रहा और वर्तमान में राजस्थान के नागौर जिले में एक स्कूल में प्यून के रूप में कार्यरत है। वह अब वहीं स्थायी रूप से रह रहा है। हालांकि, उसने अपनी मां को भी अपने साथ ले जाने की इच्छा जताई है। S.I.R अभियान के माध्यम से पुलिस ने विनोद, उसकी पत्नी और उसके दो बच्चों को चिह्नित कर उसकी माता रामकन्या से मिलवाया। वर्षों बाद बेटे को सामने देखकर रामकन्या भावुक हो उठीं। उन्होंने बताया कि करीब 15 वर्षों तक उन्होंने लगातार बेटे की तलाश की थी और बाद में उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन उन्हें हमेशा विश्वास था कि उनका बेटा एक दिन जरूर लौटेगा। रामकन्या ने इस पुनर्मिलन के लिए पुलिस प्रशासन और निर्वाचन अमले का आभार जताते हुए कहा कि बेटे से मिलना उनके जीवन का सबसे खुशी का पल है।


