D.Ed अभ्यर्थियों का मौन व्रत शुरू:हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद भारती नहीं होने से नाराजगी, 2300 पदों की अटकी है भर्तियां

D.Ed अभ्यर्थियों ने नवा रायपुर के तूता में अनिश्चितकालीन अनशन के बाद मौन व्रत शुरू कर दिया है। वे शिक्षण भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त करवाने की मांग कर चुका है। हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश, फिर भी देरी छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025 में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को आदेश पारित करते हुए कहा था कि सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। दो माह के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। विधानसभा में उठ चुका है मामला 17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। शिक्षा मंत्री ने दिया जवाब- 2621 बीएड सहायक शिक्षक बर्खास्त इस पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। इनमें से 1319 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अब भी रिक्त हैं। जब इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा पूछी गई, तो मंत्री ने स्पष्ट समय बताने में असमर्थता जताई। 24 दिसंबर से आमरण अनशन पर डीएड अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के जवाब से नाराज होकर डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से तूता धरना स्थल, रायपुर में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेन्द्र यदु, कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य और प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र परिक ने संयुक्त रूप से मांग की है कि- • हाईकोर्ट के आदेश का तत्काल पालन किया जाए। • शिक्षक भर्ती 2023 के सभी 2300 रिक्त पदों पर। • 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए ताकि आंदोलनरत डीएड अभ्यर्थियों का अनशन समाप्त हो सके।

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