लुधियाना। दुगरी स्थित जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं हरियाणा के पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने मनरेगा को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान जिला भाजपा अध्यक्ष रजनीश धीमान और पंजाब भाजपा महासचिव अनिल सरीन भी मौजूद रहे। ओपी धनखड़ ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मनरेगा में महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब ग्रामीण मजदूरों को 100 दिन के बजाय 125 दिन का रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी। उन्होंने कहा कि पहले मजदूरी का भुगतान तीन से चार महीने तक अटका रहता था, लेकिन अब 15 दिन के भीतर भुगतान की गारंटी दी गई है। यदि भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को ब्याज भी मिलेगा। धनखड़ ने कहा कि पहले मनरेगा में रोजगार भत्ते की केवल औपचारिक गारंटी थी, लेकिन अब इसे वास्तव में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना में पारदर्शिता लाने के लिए मनरेगा को प्रधानमंत्री गति शक्ति एप से जोड़ा जा रहा है। इस एप के जरिए काम करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके द्वारा किए गए कार्य का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से दर्ज होगा, जिससे किसी भी तरह की हेराफेरी की गुंजाइश नहीं रहेगी। उन्होंने बताया कि अब मनरेगा का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा। साथ ही पहले जहां इम्प्लीमेंट और मशीनरी के लिए 6 प्रतिशत राशि दी जाती थी, उसे बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि काम की गुणवत्ता और निगरानी बेहतर हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में यह समस्या सामने आई थी कि बाहर नौकरी करने वालों के नाम भी मनरेगा में दर्ज थे, जिसे डिजिटल व्यवस्था के जरिए दूर किया जाएगा। ओपी धनखड़ ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह मनरेगा में पारदर्शिता से जुड़े सुधारों को स्वीकार नहीं कर पा रहा है और इसी कारण बेवजह विरोध कर रहा है।


