सड़क नहीं होने से बरसात में गिरने की संभावनाएं बनी रहती है : विद्यार्थी

भास्कर न्यूज | गढ़वा प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय डुमरो में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए करीब 200 मीटर तक पक्की सड़क नहीं है। विद्यार्थी और शिक्षक पगडंडी के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं। खासकर बरसात के मौसम में यह रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। गांव से विद्यालय की ओर जाने वाला कच्चा रास्ता बारिश के दिनों में फिसलन भरा हो जाता है, जिससे आए दिन छात्र और शिक्षक गिरकर घायल हो रहे हैं। तीन महीने तक चलने वाले बरसाती मौसम में सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार पानी जमा हो जाने के कारण घुटनों तक पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। इससे न केवल पढ़ाई प्रभावित होती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सिर्फ पहुंच पथ ही नहीं, विद्यालय के अंदर भी कई समस्याएं हैं। नामांकित छात्रों और उनकी उपस्थिति के अनुसार बेंच-डेस्क की कमी है। इसके अलावा विद्यालय में चारदीवारी नहीं होने से छात्र और शिक्षक खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। हालांकि विद्यालय में शौचालय, पेयजल और बिजली की व्यवस्था उपलब्ध है, लेकिन अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी शिक्षा के स्तर को प्रभावित कर रही है। विद्यालय में कक्षा नौवीं और दसवीं संचालित होती है। यहां कुल 122 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें प्रतिदिन 80 से 90 छात्रों की उपस्थिति रहती है। बावजूद इसके, आवश्यक संसाधनों की अनदेखी चिंता का विषय बनी हुई है। विद्यालय में अध्ययनरत छात्रा रूपा कुमारी, अंजली कुमारी, ज्योति कुमारी तथा छात्र सूरज कुमार और अरविंद कुमार ने बताया कि स्कूल तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क की बेहद जरूरत है। बरसात के दिनों में हमेशा गिरने का डर बना रहता है। कई विद्यार्थी और शिक्षक फिसलन के कारण गिर चुके हैं। बारिश का पानी जमा रहने से मिट्टी गीली हो जाती है और चलना मुश्किल हो जाता है। छात्रों ने शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की है। उपायुक्त से पहल की मांग करेंगे : डीईओ इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई पक्का रास्ता नहीं है। बीच में रैयत की भूमि पड़ने की बात सामने आती रही है। इस मुद्दे पर अंचल अधिकारी से बातचीत की गई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। उन्होंने कहा कि जल्द ही उपायुक्त से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए पहुंच पथ की व्यवस्था के लिए पहल की जाएगी, ताकि शिक्षकों और विद्यार्थियों को सुविधा मिल सके।

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