जालंधर| बिजली विभाग के आउटसोर्सिंग और सीएचबी (कॉन्ट्रैक्ट) वर्कर्स के लिए काम करना जान जोखिम में डालने के समान हो गया है। दो दिनों में दो और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की मौत के मामले में पावरकॉम एंड ट्रांसको कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष बलिहार सिंह और महासचिव राजेश कुमार मौर ने विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करंट लगने से अब तक 300 से अधिक वर्कर्स की मौत हो चुकी है। यूनियन का आरोप है कि सरकारें लगातार पावर सेक्टर को निजी हाथों में सौंप रही हैं, जो सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रही हैं। वर्कर्स के पास न तो पर्याप्त सेफ्टी इक्विपमेंट हैं और न ही उनके लिए किसी मुआवजे की कोई ठोस व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स वर्कर्स को सीधे विभाग में शामिल किया जाए और उन्हें रेगुलर वर्कर्स की तर्ज पर सुविधाएं दी जाएं।


