पुलिस ने सरपंच जरमल सिंह हत्याकांड के 2 शूटरों को छतीसगढ़ के रायपुर से काबू किया है। दोनों शूटर रायपुर में रिश्तेदार के फ्लैट पर छिपे हुए थे। आरोपियों की पहचान सुखराज सिंह और करमजीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों शूटरों को सिटी पुलिस वापस अमृतसर लेकर आ रही है। बता दें कि 4 जनवरी को दोपहर 3.38 बजे रिजॉर्ट में शादी समारोह में सरपंच जरमल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सिर में गोली मारकर आरोपी बाइक पर सवार होने के बाद तरनतारन की ओर भाग गए थे। हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा ग्रुप के गैंगस्टर डोनी बल, प्रभ दासूवाल व अन्य साथियों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ली थी। पुलिस की 9 टीमें आरोपियों को ट्रेस करने में लगी थीं। हालांकि मामले में 6 जनवरी को तरनतारन पुलिस ने रेकी करने वाले एक आरोपी कत्थूनंगल के हरनूर सिंह उर्फ नूर को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। शूटरों को ट्रेस करते हुए सिटी पुलिस शनिवार रात रायपुर पहुंची। वहां लोकल पुलिस के सहयोग से आधी रात को रायपुर के अमलीडीह इलाके में एक फ्लैट में छापेमारी की जहां से दोनों आरोपियों को काबू किया गया। रविवार शाम पुलिस आरोपियों को लेकर अमृतसर के लिए रवाना हुई। हत्या करने के बाद आरोपी तरनतारन गए, फिर वहां से जालंधर और ट्रेन से दिल्ली पहुंचे। वहां से सीधे बिहार के पटना चले गए। पटना में 3 दिन ठहरने के बाद महाराष्ट्र के नांदेड़ पहुंचे। वहां से 9 जनवरी को रायपुर आए। आरोपी यहां अमलीडीह इलाके में रिश्तेदार के फ्लैट में छिपे हुए थे। टीम हथियारों से लैस होकर गई थी क्योंकि एनकाउंटर की आशंका थी। दोनों शूटरों ने सरपंच की हत्या के बाद अमृतसर में ही हथियार छिपा दिए थे। बिना हथियार के ही वहां से फरार हो गए थे क्योंकि उन्हें पकड़े जाने का डर था। दोनों पटना और नांदेड़ में धार्मिक स्थलों पर गए और इसके बाद रायपुर आ गए। यहां कुछ दिन रुकने के बाद दोनों दक्षिण भारत की ओर जाने की योजना बना रहे थे। हालांकि अब तक दोनों ने हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं बताई है। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने सुपारी लेकर हत्या करने की बात कबूल की है। हालांकि पुलिस अमृतसर लाकर आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड हासिल करेगी। पूछताछ में अहम खुलासे होने की संभावना है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया जाएगा।


