एसएस जैन सभा गोलबाग लाजपत राय गली स्थित जैन स्थानक में जैन साध्वी श्री प्रियदर्शना जी महाराज 9 साध्वी मंडल के साथ पधारी हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने दर्शन एवं वंदन का लाभ लिया। साध्वी रत्न ज्योति ने अपने प्रवचन में कहा कि जैन संत पूरे भारतवर्ष में पैदल विहार करते हैं। पैदल यात्रा का मुख्य उद्देश्य गांव-गांव और नगर-नगर जाकर मानव कल्याण का उपदेश देना तथा जन-जन के मन में धर्म के प्रति आस्था जागृत करना है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जन्म से लेकर मृत्यु तक किसी न किसी संगति के संपर्क में रहता है, चाहे वह सत्संगति हो या कुसंगति। मनुष्य का उत्थान और पतन संगति पर ही निर्भर करता है। चूंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, वह अकेला नहीं रह सकता। उसे किसी न किसी का साथ अवश्य करना पड़ता है। अनेक जन्मों के पुण्योदय से मनुष्य को सत्संग का लाभ प्राप्त होता है, जिससे अच्छे-बुरे का विवेक जागृत होता है। साध्वी जी ने कहा कि सत्संग के सामने स्वर्ग के सुख भी गौण हैं। धर्म से तीन प्रमुख लाभ प्राप्त होते हैं पहला भाग्य प्रबल होता है, दूसरा मन शांत होता है और तीसरा इच्छित फल की प्राप्ति होती है। जैन संत पैदल विहार के माध्यम से मानव जीवन को धर्ममय बनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि दिनांक 14 जनवरी को साध्वी श्री के प्रवचन प्रातः 9 बजे से 10 बजे तक जैन स्थानक, गोलबाग में होंगे। इस अवसर पर मंगल पाठ एवं संक्रांति पाठ का भी वाचन किया जाएगा।


