1450 बेड के नए एमवाय अस्पताल का स्वरूप अब पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। अस्पताल का लेआउट फाइनल कर दिया गया है और निर्माण से पहले मिट्टी परीक्षण तथा बाधक निर्माण हटाने का काम शुरू हो चुका है। नए अस्पताल में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी और इसे नेशनल हेल्थ मिशन की गाइडलाइन के अनुरूप तैयार किया जाएगा। लेआउट प्लान के अनुसार नया एमवाय अस्पताल तीन अलग-अलग इमारतों में बनाया जाएगा, जो आपस में कनेक्टेड रहेंगी। किस मंजिल पर कौन सा विभाग रहेगा, इसकी पूरी जानकारी बैठक के दौरान साझा की गई। नए भवन में वर्तमान में संचालित सभी प्रमुख विभागों को शामिल किया जाएगा, ताकि इलाज की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हो सकें। 773 करोड़ में बनेगा अस्पताल और नर्सिंग होस्टल
एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के अनुसार नए एमवाय अस्पताल के साथ 500 बिस्तरों का नर्सिंग होस्टल और पार्किंग सुविधा भी विकसित की जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट के लिए 773.73 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। निर्माण कार्य मप्र भवन निर्माण निगम लिमिटेड भोपाल द्वारा डिजाइन एंड फोरम कंसलटेंट नई दिल्ली के तत्वावधान में किया जाएगा। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार नए एमवाय अस्पताल को लेकर कॉलेज में सभी विभागाध्यक्षों और स्टाफ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मप्र भवन निर्माण निगम लिमिटेड भोपाल की ओर से डिजाइन एंड फोरम कंसलटेंट नई दिल्ली के मयंक अग्रवाल ने लेआउट प्लान का प्रेजेंटेशन दिया। इसमें भवन की संरचना, विभागीय व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। एमवायएच की ओपीडी में रोजाना चार हजार मरीज पहुंचते हैं इलाज कराने
एमवाय अस्पताल की क्षमता 1150 से अधिक बेड की है, जहां विभिन्न गंभीर बीमारियों का इलाज किया जाता है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना करीब चार हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार डॉक्टरों ने भी मरीज सुविधाओं से जुड़े सुझाव दिए।


