राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष:शहर में 251 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन, संस्कृति व संस्कारों की झलक दिखी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को 251 से ज़्यादा बस्तियों में हिंदू सम्मेलन हुए। सम्मेलनों में 1 हज़ार से ज़्यादा कॉलोनियों के लाखों लोग शामिल हुए। दूधिया ग्राम में संघ के अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने कहा कि माँ दुर्गा के आठों हाथों में शस्त्र हैं और चरणों के नीचे महिषासुर पड़ा हुआ है। यह इस बात का परिचायक है कि हमारी मातृशक्ति प्रेम, दया व करुणा की मूर्ति तो है ही, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर वही दुर्गा का रूप लेकर धर्म की रक्षा कर सकती है। समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में है तिलक स्कूल मैदान पर शुरुआत मंगलाचरण से हुई। मुनि श्री 108 पूज्यसागर महाराज ने कहा समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, चरित्र और संस्कारों में निहित होती है। आयोजन संयोजक राहुल जैन ने बताया कि 5 हज़ार से ज़्यादा लोग शामिल हुए। श्रीनगर बस्ती के आयोजन में संत अनादि सरस्वती ने समाज से जागृत होने की अपील करते हुए कहा बच्चों में जितने अच्छे संस्कार देंगे, देश उतना मजबूत होगा। स्वदेशी अपनाने का संदेश, इको फ्रेंडली उत्पाद दिखाए परदेशीपुरा स्थित केंद्र पर गाय के गोबर से निर्मित कलात्मक व इको फ्रेंडली उत्पादों की प्रदर्शनी चार प्रमुख स्थानों पर लगाई गई। रूपाली जैन ने बताया कि बड़ी संख्या में हिंदू परिवारों ने चार स्थानों पर उपस्थिति दर्ज करवाई और स्वदेशी अपनाने के संकल्प के साथ इन उत्पादों की सराहना की। कई स्थानों पर हुए सम्मेलन के आयोजन नंदबाग कॉलोनी, अहिल्यापुरी, अनुराग नगर, मूसाखेड़ी, अन्नपूर्णा नगर, निपानिया क्षेत्र सहित 100 से ज़्यादा स्थानों पर बड़े आयोजन हुए, जिनमें हज़ारों की संख्या में लोग परिवार सहित शामिल हुए।

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