बाड़मेर में सरस दूध डेयरी परिसर में सोमवार दोपहर झाड़ियों और घास फुस में आग लग गई। हवा चलने से आग तेजी से फैल गई और पास की आबादी तक असर पहुंचा। सूचना पर सिविल डिफेंस और नगर परिषद की फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया गया। दोपहर में झाड़ियों में लगी आग स्थानीय लोगों ने बताया कि सोमवार को दोपहर करीब दो बजे सरस दूध डेयरी परिसर में बबूल के पेड़, झाड़ियां और घास फुस में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग फैल गई और ऊंची लपटें उठने लगीं। आसपास रहने वाले लोगों ने पशु हटाए आग की लपटें देखकर आसपास रहने वाले लोगों ने तुरंत अपने पशुओं को वहां से हटाया। लोगों ने पुलिस और फायर बिग्रेड को सूचना दी और पानी व रेत डालकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। फायर बिग्रेड और सिविल डिफेंस मौके पर पहुंची सूचना मिलने पर सिविल डिफेंस और नगर परिषद की फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची। दो फायर बिग्रेड गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया। एक गाड़ी डेयरी परिसर के अंदर और दूसरी पीछे की तरफ से लगाई गई। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग कंट्रोल फायर बिग्रेड और स्थानीय लोगों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। जहां जहां धुआं निकल रहा था, वहां पानी डालकर आग को पूरी तरह शांत किया गया। छप्परे जले, सफाई न होने का आरोप स्थानीय भवानी ने बताया कि डेयरी के पीछे जंगल जैसा क्षेत्र बना हुआ है। पास में 100 से 150 घरों की आबादी है। दीवार के पास बने छप्परों में गायों को रखा जाता है, जो आग में जल गए। उन्होंने कहा कि डेयरी के आसपास 60 से 70 घर हैं और करीब 10 साल से यहां सफाई नहीं करवाई गई है। कई बार शिकायत के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। आग के कारणों की जांच जारी नगर परिषद के फायरमैन जगदीश कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चला है। फिलहाल आग पर पूरी तरह कंट्रोल कर लिया गया है और स्थिति सामान्य है।


