पढ़ाई से प्लेसमेंट तक की सुविधा एक ही छत के नीचे झारखंड के करीब 10 लाख छात्र-छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का अनुभव अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। राज्य सरकार 9 विश्वविद्यालयों और 150 कॉलेजों में स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर (एसआरसी) शुरू करने जा रही है। इसका ड्राफ्ट उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने तैयार कर लिया है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही एसआरसी की स्थापना का रास्ता साफ हो जाएगा। एसआरसी एक ऐसा समग्र केंद्र होगा, जहां छात्रों को पढ़ाई में सहयोग से लेकर करियर निर्माण तक की सभी सुविधाएं एक ही जगह और एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। यहां एकेडमिक सपोर्ट, डिजिटल लाइब्रेरी, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, योग-ध्यान, करियर गाइडेंस, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और शिकायत निवारण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर छात्र को एक यूनिक डिजिटल एसआरसी-आईडी दी जाएगी। इसी आईडी के जरिए वह सभी सेवाओं का लाभ ले सकेगा। सिस्टम के माध्यम से छात्र की गतिविधियों और फीडबैक की डिजिटल ट्रैकिंग भी होगी, जिससे सुविधाओं की निगरानी और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस व्यवस्था से छात्रों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पढ़ाई से लेकर प्लेसमेंट तक की पूरी प्रक्रिया एक स्मार्ट और एकीकृत सिस्टम से संचालित होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों के समग्र विकास, मानसिक स्वास्थ्य और करियर संभावनाओं को मजबूत करेगी। एसआरसी का बजट भी तय एसआरसी प्रस्ताव में बजट प्रावधान भी स्पष्ट कर दिया गया है। प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपने वार्षिक बजट का कम से कम एक प्रतिशत एसआरसी के लिए अलग रखना होगा। इसके अलावा राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं, सीएसआर और अन्य सहयोग से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएंगे, ताकि संचालन में किसी तरह की आर्थिक बाधा न आए। ऐसा होगा स्टूडेंट रिसोर्स सेंटर विश्वविद्यालय स्तर पर 2000 वर्गफुट का एसआरसी भवन बनेगा। यह मुख्य भवन में ही स्थित होगा। कॉलेज स्तर पर 500 वर्गफुट का एसआरसी भवन, जो संबंधित कॉलेज के मुख्य ब्लॉक में बनाया जाएगा। एसआरसी भवन में मिलेंगी ये सुविधाएं रिसेप्शन व प्रशासनिक कार्यालय का निर्माण कराया जाएगा। कंप्यूटर और डिजिटल लैब की स्थापना की जाएगी। अध्ययन और ई-लर्निंग के लिए अलग कक्ष बनेगा। दिव्यांग छात्रों के लिए व्हीलचेयर एक्सेस की सुविधा। 1. एकेडमिक और ई-लर्निंग, रेमेडियल क्लास और, फिजिकल और डिजिटल लाइब्रेरी, रिसर्च और ई-लर्निंग संसाधन। 2. हेल्थ और वेलनेस, मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, योग और मेडिटेशन स्पेस, नियमित हेल्थ वर्कशॉप। 3. करियर और प्लेसमेंट, इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप सेल, इंडस्ट्री इंटरफेस और जॉब फेयर। 4. शिकायत निवारण और सुरक्षा, रैगिंग विरोधी प्रकोष्ठ, छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था, एनएसएस, विद्यार्थी संघ और क्लब गतिविधियों के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा। 5. डिजिटल ट्रैकिंग और निगरानी, हर छात्र को डिजिटल एसआरसी-आईडी, लॉगइन के माध्यम से भौतिक और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग।


