बलाड़ ग्राम पंचायत क्षेत्र में आबादी भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्ज़े का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के खसरा नंबर 457 की लगभग साढ़े आठ बीघा आबादी भूमि पर कुछ लोगों ने बिना पट्टे या रजिस्ट्री के कब्जा कर लिया है।
आरोप है कि पटवारी और गिरदावर की मिलीभगत से इस भूमि पर अवैध रूप से मकान बनाए गए हैं, जबकि प्रशासन इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस संबंध में पूर्व में ग्राम पंचायत के सरपंच को भी शिकायत दी गई थी, लेकिन उनके द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस निष्क्रियता के कारण अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्यावर क्षेत्र में भी ऐसी कई सरकारी और बारानी जमीनों पर भू-माफिया कब्जा कर मकान बना रहे हैं और उन्हें ऊंची कीमतों पर बेच रहे हैं। आश्चर्यजनक है कि नगर परिषद, तहसील और उपखंड कार्यालय के अधिकारी इस ओर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रहे हैं। एक ओर नगर परिषद संसाधनों की कमी का हवाला देकर विकास कार्यों से पीछे हट रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी भूमि पर खुलेआम अतिक्रमण हो रहा है।
इस मामले में तहसीलदार हनुत सिंह ने बताया कि जब-जब शिकायतें मिली हैं, उन पर त्वरित कार्रवाई की गई है। वहीं, नगर परिषद आयुक्त श्रवण चौधरी से संपर्क का प्रयास किया गया। उनके कार्यालय में कई बार चक्कर लगाने के बावजूद वे उपलब्ध नहीं मिले। बाद में फोन पर भी संपर्क नहीं हो पाया। बलाड़ के ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक मिलीभगत के बिना भू-माफियाओं द्वारा इतने बड़े स्तर पर कब्जा करना संभव नहीं है। अब देखना होगा कि संबंधित ग्राम पंचायत, तहसील प्रशासन या नगर परिषद इस भूमि को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने के लिए क्या कदम उठाते हैं।


