आहोर तहसील क्षेत्र में वर्ष 2004 में हुए कथित नगरपालिका भूमि घोटाले को लेकर शिवसेना जालोर ने मंगलवार को जिला पुलिस अधीक्षक, जालोर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। बोले- 15 करोड़ का आर्थिक नुकसान आहोर तहसील क्षेत्र की खसरा संख्या 1008 एवं 1009 की लगभग 2.68 हेक्टेयर सरकारी/नगरपालिका भूमि, जो उस समय ग्राम पंचायत आहोर के स्वामित्व में थी, को 28 जनवरी 2004 को नियमों की अवहेलना करते हुए निजी व्यक्तियों के नाम नामांतरण कर विक्रय कर दिया गया। इस अवैध प्रक्रिया से आहोर नगरपालिका को लगभग 15 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हुआ। बिना स्वीकृति सरकारी भूमि बेच दी शिवसेना ने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरपंच एवं संबंधित अधिकारियों ने राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना करीब 27 हजार वर्गफुट भूमि का विक्रय कर विश्वासघात, कदाचार एवं आपराधिक षड्यंत्र को अंजाम दिया। यह कृत्य गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है और केवल समय बीत जाने से अपराध की गंभीरता समाप्त नहीं हो जाती। लोगों ने मांग हैं कि कि प्रकरण में धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इस अवसर पर शिवसेना जालोर जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित, आहोर तहसील उप प्रमुख धूकाराम चौधरी, जवंत राणा समेत शिवसेना कार्यकर्ता मौजूद रहे।


