शराब घोटाला मामले में जेल में बंद तीन आरोपियों की आखिरकार डिफॉल्ट जमानत का लाभ मिल ही गया। मामले के जांच अधिकारी तीनों की गिरफ्तारी के 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करने में पूरी तरह से विफल रहे, जिसका लाभ तीनों आरोपियों को मिला। याचिकाकर्ताओं की ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को एसीबी के प्रभारी न्यायाधीश देबाशीष महापात्रा की अदालत में सुनवाई हुई। जिसके पश्चात डिफॉल्ट जमानत की सुविधा प्रदान की। जिन आरोपियों को लाभ मिला, उनमें मेसर्स विजन हॉस्पिटेलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्रा. लिमिटेड के निदेशक महेश शेडगे उर्फ महेश सीताराम शेडगे, परेश अभेसिंह ठाकुर उर्फ ठाकोर परेश और ठाकोर विक्रमसिंह के नाम शामिल हैं। तीनों की ओर से समय सीमा 90 दिनों के बाद चार्जशीट दाखिल नहीं करने का हवाला देते हुए डिफॉल्ट बेल की मांग की गई थी। एसीबी ने तीनों निदेशकों को सन स्काई पार्क व ब्रिज सोसायटी अहमदाबाद से 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था। इसके हिसाब से 90 दिन का समय 12 जनवरी को पूरा हुआ। हालांकि सोमवार को भी याचिका दाखिल की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। मंगलवार को पुन: फ्रेश याचिका दाखिल की गई।


