डीडवाना–कुचामन जिले के छोटी खाटू क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी प्रेम सिंह चौधरी का निधन हो गया। उन्होंने जयपुर में अंतिम सांस ली। उनके निधन से शिक्षा जगत सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। प्रेम सिंह चौधरी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव छोटी खाटू में किया गया। वे ग्रामोथान डीडवाना के संस्थापक निदेशक थे। उन्होंने जीवनभर शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता और सर्वसमाज की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चौधरी ने इफको में लंबे समय तक सेवाएं दीं, जहां उन्होंने किसानों के हित में उल्लेखनीय कार्य किए। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने शिक्षा और समाजसेवा को अपना जीवन उद्देश्य बना लिया। उनके निधन पर पूर्व उप जिला प्रमुख डॉ. सहदेव चौधरी ने शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रेम सिंह चौधरी का जाना समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। शिक्षा, संस्कार और समाजसेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा मार्गदर्शन देता रहेगा। अंतिम संस्कार में कई राजनीतिक एवं सामाजिक शख्सियतें शामिल हुईं। किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी ने कहा कि प्रेम सिंह चौधरी के किसानों, शिक्षा और समाज के लिए किए गए कार्य लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। डेगाना विधायक एवं पूर्व मंत्री अजय सिंह किलक ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनकी अलख सदैव प्रेरणा देती रहेगी। अंतिम संस्कार में उनके पुत्र उपेन्द्र पण्डेल (प्रोफेसर, MNIT), विनम्र पण्डेल, रजत पण्डेल (प्रोफेसर, राजस्थान विश्वविद्यालय) सहित रवि धारीवाल, किशोर धारीवाल, नानक दास महाराज, नगरपालिका अध्यक्ष रणवीर सिंह, पूर्व डीटीओ भंवरलाल चौधरी, पूर्व RPS आईदान रेवाड़, डॉ. हरदेव कालेर (सीकर), कपूरचंद बेताला, इंद्रसिंह (पूर्व पंचायत समिति सदस्य), मदन लाल पण्डेल और हरीश मिर्धा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे छोटी खाटू क्षेत्र में शोक का माहौल रहा। लोगों ने नम आंखों से इस समर्पित शिक्षक, समाजसेवी और मार्गदर्शक को अंतिम विदाई दी।


