अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार, डीग जिला कांग्रेस कमेटी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम में बदलाव के विरोध में अभियान चलाया। डीग जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव सिंह के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पला के नगला चक मीणा और ग्राम पंचायत रीठौटी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों में चौपालें और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करता है, लेकिन मोदी सरकार इस अधिकार को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि अब फसल कटाई के मौसम में मजदूरों को काम नहीं मिलेगा और काम केवल सरकार द्वारा चुने गए गांवों में ही उपलब्ध कराया जाएगा। पार्टी ने यह भी कहा कि अब काम का निर्धारण मोदी सरकार अपने पसंदीदा ठेकेदारों के माध्यम से मनमाने ढंग से करेगी। इसके अलावा, मेट या रोजगार सहायक का सहयोग भी नहीं मिलेगा। कांग्रेस ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100% भुगतान केंद्र सरकार करती थी, जिससे राज्य सरकारें बिना किसी कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थीं। अब राज्य सरकारें खर्च से बचने के लिए काम उपलब्ध नहीं कराएंगी। चौपाल कार्यक्रमों में कांग्रेस ने काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी और जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेने और मजदूरों के लिए 400 रुपए प्रतिदिन मजदूरी तय करने की भी मांग की।
इस अवसर पर प्रेम सिंह प्रजापत (महामंत्री, पर्यावरण प्रकोष्ठ), नंदकिशोर सिनसिनवार, कुंवर गोरधन सिंह रिठौटी, कुमर सिंह डीलर, जगदीश कुंतल, राजेश (अध्यक्ष, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ जिला डीग), अनुराग पला, पूरन सिंह सरपंच रघुवीर सिंह तमरेर, दिगंबर सिंह पिचूमर, पूरन सिंह बघेल, लोटन सरपंच सेत, राजेश सुपवास, जगदीश गुनसारा, नरेंद्र, कलुआ, फूलसिंह, रमाकांत चक मीणा, शिवसिंह, राजकुमार पला, कलुआ नरेंद्रसिंह चक मीणा, श्रीचंद प्रेमसिंह खेड़ा कारौली, राजेंद्र सिंह, रेवती और रणधीरपुरा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


