गुब्बारे बेचने वाले बिहार के दंपती ने किया था अंश-अंशिका का अपहरण

धुर्वा के मौसीबाड़ी से अपहृत अंश कुमार (5) और उसकी बहन अंशिका कुमारी (4) को बुधवार सुबह रांची पुलिस ने रामगढ़ के अहमद नगर स्थित एक घर से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के अपहरण के आरोपी नव खेरवार उर्फ सूर्या (24) और उसकी प|ी सोनी कुमारी (20) को गिरफ्तार कर लिया है। नव खेरवार बिहार के औरंगाबाद के बारून का निवासी है, जबकि सोनी कुमारी रामगढ़ के कोठार की रहने वाली है। ये दोनों धुर्वा के शालीमार बाजार में गुब्बारे बेचते थे। अंश और अंशिका 2 जनवरी को पिता से 10 रुपए लेकर घर के पास ही एक दुकान से चूड़ा खरीदने निकले थे। पांच रुपए में लॉलीपॉप खरीदकर दोपहर करीब 2:35 बजे लौट रहे थे। तभी नव खेरवार और सोनी ने दोनों को उठा लिया। दो दिन तक दोनों बच्चों को उसके घर से करीब एक किमी दायरे में ही छिपाकर रखा। फिर चुपचाप वहां से निकल गए। इधर पुलिस बच्चों की तलाश में खाक छानती रही। बुधवार सुबह सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक और रांची एसएसपी राकेश रंजन को बच्चों के चितरपुर के अहमद नगर में होने की सूचना मिली। इसके बाद रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने वहां छापेमारी कर दोनों बच्चों को बरामद कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पता चला है कि ये दोनों अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां
सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर लिखा-अपहरणकर्ताओं के चंगुल से आजाद हुई दो मासूम जिंदगियां। आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है। व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए पिछले कुछ दिन परेशान करने वाले रहे। शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, फिर जिस ढंग से दूसरे राज्य में हुई इसी ढंग की घटना के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंचकर बच्चों को मुक्त कराया, वह प्रशंसनीय है। मैं इस अभियान को यहीं पर नहीं छोड़ रहा। ऐसी घटनाओं की गहन पड़ताल करते हुए आपराधिक गिरोह की कमर तोड़ने की कार्रवाई करेंगे। पास, 3 दिन हटिया रेलवे स्टेशन के पास बच्चों को रखा
अपहर्ताओं ने अपहरण के बाद दोनों बच्चों को दो दिन तक उसके घर से महज एक किमी दूर शालीमार बाजार के पास ​छुपाकर रखा। फिर ऑटो से दोनों बच्चों को लेकर हटिया स्टेशन पहुंचा। तीन दिन तक स्टेशन के पास ही बच्चों के साथ रहा। सात जनवरी को दोनों आरोपी बच्चों को लेकर ट्रेन से रामगढ़ पहुंचे। वहां से चितरपुर के अहमद नगर गए। वहां रोशन आरा के घर ​किराए पर कमरा लिया, जहां दोनों बच्चों के साथ रह रहे थे। बच्चे भी उनके साथ आराम से रह रहे थे, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन मुखबिरों को सूचना मिल गई और वे पकड़े गए। डीजीपी बोलीं- 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, 5000 वाहनों का हुआ सत्यापन डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि बच्चों को ढूंढ़ने के लिए रांची के ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। इसमें सिटी एसपी व ट्रैफिक एसपी सहित 48 अधिकारी थे। इस टीम ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 5000 से ज्यादा गाड़ियों का सत्यापन किया। बच्चों की सूचना देने वालों को चार लाख रुपए इनाम देने की भी घोषणा की गई। इस संबंध में रोजाना 1000 से ज्यादा फोन कॉल पुलिस को आए। कई राज्यों में ऐसे मामलों से संबंधित अभियुक्तों की छानबीन की गई। झारखंड में महत्वपूर्ण स्थलों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और हाट-बाजार की छानबीन की गई। पूरे मामले की निगरानी खुद सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक कर रहे थे। उन्होंने पूरे देश में ह्यू एंड क्राई नोटिस भी जारी किया। दो दिन शालीमार बाजार के मकान मालकिन बोलीं-गरीब जानकर किराए पर कमरा दिया पुलिस ने मकान मालिकन रोशन आरा और उनकी नतिनी से भी पूछताछ की। रोशन ने कहा-उन दोनों ने खुद को पति-प|ी बताया। कहा कि वे पटना में फेरी का काम करते थे। घर टूट जाने के कारण यहां आए हैं। उनके साथ दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। हमने गरीब समझकर उन्हें 1000 रुपए के किराए पर उन्हें कमरा दे दिया। बच्चे अपने माता-पिता के साथ अपहरण के आरोपी पुलिस ने अपहरण के आरोपी नव खेरवार और उसकी प|ी को किया गिरफ्तार

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *