एसिया के उपाध्यक्ष उद्यमी देवांग गांधी के व पुत्र कैरव गांधी का फिरौती के लिए अपहरण किया गया है। अपहर्ताओं ने इंटरनेट कॉलिंग के जरिए बुधवार को परिजनों से संपर्क किया और कैरव की सकुशल वापसी के लिए 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। इस मामले में न तो परिजन और न ही पुलिस कुछ बता रही है। प्रारंभिक के अपहरण में इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। मंगलवार की देर शाम कैरव की गाड़ी कांदरबेड़ा के समीप लावारिस स्थिति में मिली थी। परिजनों द्वारा अपहरण की आशंका जताए जाने के बाद भी पुलिस ने लापता का मामला माना था। इधर, बुधवार को फिरौती का फोन आने के बाद देवांग गांधी के बयान पर इंडोनेशिया के नंबर (+62-831-94765544) के संचालक के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज की गई। कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस की सात टीमें झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और ओडिशा में बदमाशों की तलाश में जुटी है। कार की फॉरेंसिक जांच कर फिंगर प्रिंट के जरिए अपराध में शामिल बदमाशों की पहचान की कोशिश की जा रही है। वहीं, कॉल डिटेल और उस क्षेत्र में उस समय सक्रिय मोबाइल फोन की कॉल डंपिंग के जरिए जानकारी इकट्ठा की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि अपहर्ता उन्हें लेकर पश्चिम बंगाल या बिहार की ओर जा सकते हैं। पिता को आया था वॉट्सएप कॉल मंगलवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में 16 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम को लेकर बैठक चल रही थी। इस बैठक में देवांग गांधी के मोबाइल पर 10 बार वॉट्सएप कॉल आया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। कुछ कॉल को कट कर दिया। बैठक के बाद दोपहर दो बजे कैरव गांधी के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। इसके बाद कंपनी में फोन किया तो पता चला कि उनका बेटा कंपनी नहीं पहुंचा। फिर मैसेज आया, जिसमें बेटे की अपहरण की बात लिखी गई थी। तब उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस लिखी जिस स्कॉर्पियो से अपहरण की आशंका, उसका नंबर बाइक का निकला पुलिस ने घटना के बाद कैरव गांधी से घर से निकलने से लेकर कांदरबेड़ा जाने तक के मार्ग का सीसीटीवी फुटेज खंगाला। पुलिस जांच में पता चला कि कैरव की कार के आगे-पीछे एक ही नंबर की स्कॉर्पियो कई बार गुजरी। स्कॉर्पियो पर पुलिस का बोर्ड लगा हुआ था। स्कॉर्पियो पर लगे नंबर की जांच की गई तो वह किसी बाइक का नंबर था। अंदेशा लगाया जा रहा है कि टोल प्लाजा से बचने के लिए अपहरणकर्ताओं ने पुलिस का बोर्ड लगाया था। पुलिस की टीम चांडिल से आगे रांची, रामगढ़ से बिहार को जाने वाले मार्ग का फुटेज खंगाल कर स्कॉर्पियो का पता लगाने में जुटी है। कार में मिला 25 लाख का चेक पुलिस ने कैरव के मोबाइल का लोकेशन जांचा, तो अंतिम लोकेशन मंगलवार सुबह 11:30 बजे मरीन ड्राइव बिंदल मॉल के पास मिला। इसके बाद पुलिस और परिजन चांडिल से लेकर हाइवे पर तलाशने लगे। इसी दौरान कैरव की कार कांदरबेड़ा के पास सिल्वर सैंड रिसॉर्ट के सामने लवारिस अवस्था में मिली। कार में चाबी और 25 लाख का चेक मिला। इसी चेक को लेकर कैरव बैंक अॉफ इंडिया बिष्टुपुर जाने की बात कह कर दिन के सवा दस बजे निकला था।


