धर्म, परंपरा व अध्यात्म का संगम रामतीर्थ, गंगा आरती से गूंजा वैतरणी तट

भास्कर न्यूज | जैंतगढ़/चंपुआ वैतरणी नदी। मोक्ष की नदी यानि वैतरणी पार होने की पौराणिक मान्यता वाली यह नदी झारखंड व ओडिशा के बॉर्डर पर है। झारखंड के जगन्नाथपुर प्रखंड के रामतीर्थ धाम में मकर संक्रांति पर धर्म, अध्यात्म और परंपराओं का समावेश रहा। तड़के सुबह से लाखों लोगों ने वैतरणी में मकर स्नान किया। वहीं शाम को गंगा आरती से वैतरणी तट सजा रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जहां इलाके के विधायक सोनाराम सिंकू, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, डीसी चंदन कुमार सहित तमाम लोग मौजूद रहे। नदी तट पर मकर पीठा का विसर्जन, पितरों के अर्पण और बेलपत्र, दूध व भांग अर्पण की परंपरा निभाई गई। विशाल मेला का भी आयोजन किया गया। आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम, विधायक ने किया उद्घाटन: मकर संक्रांति पर रामतीर्थ धाम एक बार फिर आस्था, संस्कृति और जनविश्वास का विराट संगम बना। रामतीर्थ स्थल पर संध्या साढ़े चार बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर विधायक सोनाराम सिंकू, जिला परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुरीन, जिला उपायुक्त चन्दन कुमार, प्रशिक्षु आईएएस सिद्धार्थ सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर बतौर अतिथि जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी छोटन उरांव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राफेल मुर्मू, प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्यम कुमार, अंचल अधिकारी मनोज मिश्रा, थाना प्रभारी टिन्कु कुमार दास आदि उपस्थित थे।

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