भास्कर न्यूज | चिल्फी घाटी सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ भारत मिशन योजना ग्राम पंचायत चिल्फी में सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। गांव में 4.38 लाख रुपए की लागत से सेग्रिगेशन कचरा शेड का निर्माण किया गया है। घर-घर कचरा संग्रहण के लिए गार्बेज ट्रायसिकल भी खरीदी गई। लेकिन दोनों का आज तक कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है। हालात यह हैं कि कचरा शेड के पास खड़ा गार्बेज ट्राइसाइकिल जंग खा रहा है। जबकि उसके ठीक सामने और आसपास खुले में कचरे के ढेर लगे हुए हैं। समय पर कचरा न उठने के कारण नालियों से दूषित पानी बहकर सड़कों और रिहायशी इलाकों में फैल रहा है, जिससे दुर्गंध के साथ संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इससे लोग परेशान हो रहे है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। खुले में पड़े कचरे और बहते गंदे पानी के कारण मच्छर, मक्खी और अन्य कीट पनप रहे हैं। इससे डायरिया, मलेरिया, डेंगू जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।


