भास्कर न्यूज| प्रतापपुर प्रतापपुर प्रखंड की सिजुवा पंचायत आजादी के इतने वर्षों बाद भी कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है। लगभग 12 से 15 हजार की आबादी वाली इस पंचायत में आज भी सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। सिजुवा पंचायत प्रखंड मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर और जिला मुख्यालय चतरा से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिला मुख्यालय से जोरी होकर पंचायत तक कालीकरण सड़क तो बनी है, लेकिन पंचायत के भीतर कई गांवों और टोलों की सड़कें अत्यंत जर्जर और पथरीली हालत में हैं।हारा गांव में रामदास साव के घर से छठ घाट तक, ग्राम कठौन में आरईओ सड़क से कठौन स्कूल तक तथा नावाडीह गांव में आरईओ रोड से गुप्ता भारती के घर तक की सड़कें इतनी खराब हैं कि आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों को कच्ची, पथरीली और क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरने को मजबूर होना पड़ता है। इसके अलावा प्रतापपुर मुख्य सड़क से जोरी होते हुए हारा गांव जाने वाली सड़क तेतरियो मोड़ से हारा टोला नौकाडीह तक पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर समस्या कठौन नदी पर पुल का नहीं बनना है। पुल के अभाव में कठौन गांव के हजारों ग्रामीणों को नदी पार कर आवागमन करना पड़ता है। यह वही नदी है जिसमें कुछ वर्ष पूर्व एक पांच वर्षीय बच्चा बह गया था, जिसके बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुल निर्माण की मांग की गई, डीपीआर भी बना, लेकिन फाइलों में ही मामला दबकर रह गया। जिला मुख्यालय से दूरी 25 किलोमीटर सिजुवा पंचायत कनेक्टिविटी बाइक ,टोटो ,बस ,सहित निजी वाहन से जा सकतें हैं साक्षरता : 56 % जनसंख्या : 15000 इस संबंध में पंचायत की मुखिया सुनीता कुमारी ने बताया कि पंचायत में बिजली, विद्यालय और स्वास्थ्य उपकेंद्र की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। कई गांवों तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क नहीं है और कठौन गांव के हजारों ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए पुल की सख्त जरूरत है। बीमारों, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।मुखिया ने जिला प्रशासन, विधायक, सांसद और झारखंड सरकार से सिजुवा पंचायत की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देकर सड़क और पुल निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।


