भास्कर न्यूज | चतरा चतरा जिले में कुपोषित बच्चों के इलाज में बाधक बन रहे डीबीटी सिस्टम को समाप्त करते हुए लाभुकों के सीधा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी ) में कुपोषित बच्चों का इलाज कराने के लिए आने वाली माताओं को दी जाने वाली 130 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि अब उन्हें डिस्चार्ज के समय सीधे नकद दी जाएगी। दरअसल, पहले यह प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में भेजा जाता था। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली माताओं को बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे। पैसे निकालने में ग्रामीण माताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। उपायुक्त कीर्तिश्री ने माताओं की इस समस्या को समझते हुए नकद भुगतान के प्रावधान का अनुमोदन किया है। कुपोषण उपचार केंद्र में कुपोषित बच्चों की संख्या में लगातार हो रहे गिरावट को देखते हुए बच्चों के माताओं को नगद प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। चतरा एमटीसी में पिछले पांच वर्षों में कुल 775 कुपोषित बच्चों का इलाज किया गया है। एमटीसी चतरा के आंकड़े के अनुसार वर्ष 2021 में 187, वर्ष 2022 में 224, वर्ष 2023 में 123, वर्ष 2024 में 108 तथा वर्ष 2025 में 133 कुपोषित बच्चों का इलाज किया गया है। वर्तमान में चतरा एमटीसी में तीन कुपोषित बच्चे भर्ती हैं। जिनका उपचार किया जा रहा है। एमटीसी चतरा में भर्ती कुपोषित बच्चों में से तीन बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। नगवा की निशु कुमारी, प्रतापपुर प्रखंड के सिजुआ की रेशमी देवी और बानसम की सुगिया देवी को कुपोषण उपचार केंद्र के प्रभारी डॉ आशीष कुमार ने डिस्चार्ज के समय उनके हाथ में नकद राशि सौंपी। महिलाओं ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें बैंक की कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा और वे घर जाते समय अपने बच्चों के लिए जरूरी पोष्टिक आहार खरीद सकेंगे। यहां बताते चले कि कुपोषित बच्चों के इलाज के लिए एमटीसी में भर्ती होने वाले बच्चों की माताओं को 130 रुपए की दर से राशि दी जाती है। यह राशि माताओं को उनके भरण पोषण के लिए दिया जाता है। ^माताओं को हो रही परेशानी को देखते हुए उपायुक्त के आदेश पर कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती होने वाले बच्चों के माताओं को प्रोत्साहन राशि का नगद भुगतान शुरू कर दिया गया है।^ -डॉ. पंकज कुमार , सदर अस्पताल के उपाधीक्षक


