बस बॉडी कोड बिना नहीं चलेंगी स्लीपर बसें, परिवहन विभाग ने गठित किया मॉनिटरिंग दल

भास्कर संवाददाता | हनुमानगढ़ जिले में अब बिना बस बॉडी कोड के चल रही स्लीपर बसों को अब सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन बसों में इमरजेंसी गेट नहीं है, सेफ्टी हैमर और पैनिक बटन नहीं लगे हैं, या अवैध रूप से सामान रखने की डिक्की बनाई गई है, ऐसी सभी बसों को जब्त किया जाएगा। जिला परिवहन विभाग ने ऐसी बसों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम बनाई है जो हर माह क्षेत्र से गुजर रही बसों का औचक निरीक्षण करने का कार्य करेगी। ऐसे में हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर से चलने वाली और अन्य क्षेत्रों से आने वाली स्लीपर बसों पर विशेष निगरानी की जाएगी। जिले में ऐसी 15 बसें पंजीकृत हैं। वहीं। अन्य जिलों से हर महीने करीब 60 से अधिक बसों का आवागमन रोजाना हमारे जिले से होता है। बता दें कि अवैध स्लीपर बसों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद राजस्थान में परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बस बॉडी कोड का उल्लंघन कर चल रही स्लीपर बसों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों को सीज किया जाएगा। जब तक इन बसों में बस बॉडी कोड के अनुसार जरूरी मॉडिफिकेशन नहीं किए जाते, तब तक उन्हें दोबारा संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बस कोड एक तरह का सरकारी पंजीकरण/पहचान नंबर होता है, जो हर व्यावसायिक (कमर्शियल) बस को दिया जाता है। यह आरसी से अलग होता है। आरसी हर गाड़ी को मिलता है। जबकि बस कोड सिर्फ स्लीपर / कमर्शियल बस के लिए होता है। आरसी बिना कोई गाड़ी नहीं चलती, बस कोड बिना स्लीपर बस नहीं चल सकती। यह खासकर स्लीपर बसों और लंबी दूरी की बस सेवाओं के लिए अनिवार्य किया गया है। इससे यह पता चलता है कि बस नियमों के अनुसार पंजीकृत, सुरक्षित और स्वीकृत है। स्लीपर बसों में इमरजेंसी एग्ज़िट, फायर सेफ्टी, सही डिजाइन और लेआउट की जांच के बाद ही बस कोड दिया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और फर्जी या अवैध बस संचालन रोकने के लिए यह जरूरी माना गया है। क्योंकि, यह बस के बॉडी टाइप और सेफ्टी अप्रूवल का प्रमाण होता है। मुख्यालय से आदेश आए हैं, इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है- डीटीओ स्लीपर बसों के लिए विभाग ने विशेष टीम का गठन करते हुए मॉनिटरिंग तंत्र बनाया है। जिले में 15 बसें पंजीकृत हैं जो मानकों पर चल रही हैं। अब हनुमानगढ़ से गुजरने वाली अन्य राज्यों की बसों को रोककर जांच की जाएगी। टीमें रात से ही चेकिंग अभियान में जुटेंगी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बस सीज की जाएगी। नरेश पूनियां, डीटीओ, हनुमानगढ़।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *