ठगों का निशाना पढ़े-लिखे बुजुर्ग…:पहले 5 सवालों के जवाब दिए तो फंसेंगे; ये 5 बातें बचा सकती हैं

एक्सपर्ट – धर्मेंद्र शर्मा, सा​इबर क्राइम शाखा ग्वालियर साइबर ठग पढ़े-लिखे बुजुर्गों को लगातार निशाना बना रहे हैं। ठगों के पास बुजुर्गों की आधी-अधूरी जानकारी होती है, जिसके सहारे वे भरोसा जीतकर फोन पर बातचीत शुरू करते हैं। सबसे पहले यह पता किया जाता है कि बुजुर्ग घर पर अकेले हैं या परिवार साथ। जैसे ही बच्चों या परिजनों के दूर होने का संकेत मिलता है, ठगी का जाल बिछा दिया जाता है। साइबर ठगों के कॉल करने पर शुरुआती पांच मिनट सबसे अहम होते हैं। इसी दौरान ठगों द्वारा लोगों को डर, धमकी, दबाव और फायदे का झांसा दिया जाता है। ग्वालियर में ठगी के मामलों का साइबर पुलिस ने विश्लेषण किया है। इसमें सामने आया कि यदि शुरुआत में सिर्फ ठगों को जवाब दिए जाएं तो ठगी हो जाती है। वहीं यदि ठगों के सवालों के उलट उससे ये पांच बातें पूछें और सतर्क रहते हुए बना डरे कुछ बातें कहें तो ठग फोन काट देते हैं। यानी शुरुआती सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। 2025 में जनवरी से दिसंबर के बीच ग्वालियर में 38 लोगों से करीब 5.75 करोड़ रुपये ठगे गए। इनमें 15 बुजुर्ग ​ठगी का शिकार हुए। 1930 हेल्पलाइन इन शुरुआती सवालों से फंसाते हैं साइबर ठग बिना डरे ये सवाल पूछें तो बच सकते हैं ग्वालियर के इन उदाहरणों से समझें बुजुर्ग कैसे फंस रहे जाल में…
ग्वालियर के इन उदाहरणों से समझें बुजुर्ग कैसे फंस रहे जाल में… 21 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा और ठगे 38 लाख
साइबर ठगों ने महिला डॉक्टर सुजाता बापट को CBI अफसर बनकर फोन किया। डॉक्टर को ह्यूमन ट्रैफिकिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसे होने का डर दिखाकर 21 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा और 38 लाख रुपए ठगे थे। 3 घंटे रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ रहे, लेकिन सवालों से बचे… पिंटू पार्क क्षेत्र के समर्थ नगर निवासी एसबीआई के रिटायर्ड बैंक मैनेजर देशराज सिंह चौहान(65) को ठगों ने दूरसंचार मंत्रालय और डीआईजी बनकर तीन घंटे ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखा। फर्जी एफआईआर और कोर्ट लेटर भेजकर डराया। डर के माहौल में देशराज ठगों ने लगातार लगातार सवाल पूछते रहे। समय रहते पुलिस को सूचना देकर ठगी से बच गए। अकेलेपन और बीमारी का फायदा उठाकर ठगी… थाटीपुर के माधव सिंधिया एन्क्लेव में रहने वाले 79 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल साइंटिस्ट ओमप्रकाश पमार की बीमारी का फायदा उठाकर ड्राइवर, उसकी पत्नी व दोस्त ने भरोसा जीतकर बैंक दस्तावेज व मोबाइल कब्जे में लिए। यूपीआई से 58 दिनों में 21 ट्रांजेक्शन कर 16.05 लाख रुपए निकाल लिए। बचने का उदाहरण… शुरु के 5 मिनट ठगों के सवालों पर दागे सवाल तो बचे समर्थ नगर निवासी रिटायर्ड बैंक मैनेजर देशराज (65) को ठगों को कॉल किया। शुरुआती 5 मिनट… ठग ने कहा- केनरा बैंक मुंबई में आपका खातते में करोड़ों का लेनदेन हुआ है। देशराज- मैं कभी मुंबई नहीं गया? ठग-आधार से खाता खुला? देशराज- सिर्फ आधार से खाता नहीं खुलता? पुलिस से संपर्क करने को कहा तो फोन काट दिया। मध्यप्रदेश: 63 हजार लोगों से ठगी, ~551 करोड़ उड़ाए ग्वालियर में अब तक 11 लोग ‘डिजिटल अरेस्ट’
ग्वालियर में 2025 में 11 ​डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हो चुकी हैं। अगस्त में ग्वालियर के एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी को 22 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर ₹7.10 लाख ठगे थे। 2024 में मध्यप्रदेश में 26 मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से ग्वालियर टॉप हॉट स्पॉट में शामिल था। पूरे राज्य में डिजिटल अरेस्ट ठगी से पैसे की हानि 12.60 करोड़ से ज्यादा रही थी।​​​​​​​

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