आयोग अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने किया केंद्रीय जेल का निरीक्षण:बड़वानी जेल की व्यवस्थाएं बेहतर बताईं, कैदियों से भी मिले

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने शुक्रवार को बड़वानी जिले के प्रवास के दौरान केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने जेल में कैदियों को मिलने वाले भोजन, वस्त्र, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। इस निरीक्षण के दौरान केंद्रीय जेल अधीक्षक शैफाली तिवारी और उप जेलर उपस्थित रहे। अध्यक्ष आर्य ने सबसे पहले जेल की रसोई का दौरा किया। उन्होंने बर्तनों की साफ-सफाई, तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, मेनू और खाद्यान्न की जांच की। कैदियों के साथ भोजन किया उन्होंने कैदियों के लिए तैयार भोजन चखा और उनके साथ भोजन भी किया। आर्य ने साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। इसके बाद, उन्होंने कैदियों के वार्डों और बैरकों का निरीक्षण किया। उन्होंने बंद कैदियों से भोजन, नाश्ता, चाय और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के बाद, दैनिक भास्कर ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष से सवाल किया। प्रश्न था कि यदि आयोग का कार्य जनजातीय अधिकारों की रक्षा करना है, तो आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की खराब स्थिति पर आयोग की सिफारिशें धरातल पर क्यों नहीं दिखतीं? क्या इसके लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार हैं या आयोग की निगरानी कमजोर है? आदिवासियों की स्थिति में सुधार इस सवाल पर अध्यक्ष अंतरसिंह आर्य ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि 25 से 30 साल पहले आदिवासियों की स्थिति क्या थी, यह मीडिया अच्छी तरह जानती है। उन्होंने दावा किया कि आज आदिवासियों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। आर्य ने आगे कहा कि आदिवासी अच्छा अनाज पैदा करते हैं और उन्हें खाने की कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, आर्थिक रूप से मजबूत होने और अतिरिक्त पैसा कमाने के लिए वे दूसरे क्षेत्रों में पलायन करते हैं। शिक्षा से जुड़े सवाल पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बिना जवाब दिए चले गए।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *