भोईखेड़ा में चोरी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार:1.80 लाख नकद और औजार बरामद, इन अन्य आरोपी नामजद

चित्तौड़गढ़ शहर के भोईखेड़ा क्षेत्र में मंगलवार रात किराने की दुकान में हुई चोरी की वारदात का कोतवाली थाना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी को नामजद किया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नगदी, गल्ला और वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद कर लिए गए हैं। 13 जनवरी को हुई थी चोरी जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि भोईखेड़ा निवासी राकेश पुत्र रूपलाल भोई ने बुधवार को कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राकेश की भोईखेड़ा में किराने की दुकान है। 13 जनवरी की रात करीब 11 बजे वह दुकान बंद कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह करीब 6 बजे उसके पड़ोसी ने फोन कर बताया कि दुकान की पीछे की दीवार टूटी हुई है। सूचना मिलते ही राकेश मौके पर पहुंचा, जहां देखा कि दुकान की पिछली दीवार तोड़कर अंदर घुसा गया था और गल्ले में रखे करीब दो लाख रुपए नकद गल्ले सहित चोरी कर लिए गए थे। पुलिस ने की कार्रवाई घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन और डीवाईएसपी बृजेश सिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी तुलसीराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू की, संदिग्धों पर नजर रखी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया। पुलिस ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर कुछ युवकों को संदिग्ध मानते हुए हिरासत में लिया। चार आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने भोईखेड़ा निवासी रतनलाल भोई (22), नानूराम भोई (28), रतनलाल भोई (33) और नारायणलाल भोई (24) को डिटेन कर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर चारों आरोपियों ने नकबजनी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। उन्होंने बताया कि इस चोरी में उनके साथ एक और आरोपी भी शामिल था, जो फिलहाल फरार है। इसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 1.80 लाख रुपए बरामद हुए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की गई रकम में से करीब एक लाख अस्सी हजार रुपए नकद, गल्ला और दीवार तोड़ने में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद कर लिए हैं। शेष रकम और फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वे अन्य चोरी की वारदातों में तो शामिल नहीं रहे हैं। यह टीम रही मौजूद इस पूरे मामले का खुलासा करने वाली टीम में थानाधिकारी तुलसीराम, एएसआई नवरंग लाल, कांस्टेबल प्रहलाद, राजकुमार और कन्हैयालाल शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी जिले में अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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