बाघों की मौत के बीच बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जांच:हेड ऑफ फॉरेस्ट ने सात दिन में मांगी टाइगर रिजर्व उप संचालक की जांच रिपोर्ट

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों की लगातार हो रही मौतों के बीच यहां पदस्थ उप संचालक पीके वर्मा के विरुद्ध करप्शन और वन अभयारण्य की करोड़ों की रकम करीबियों को बांटने का मामला सामने आया है। वन बल प्रमुख से की गई शिकायत के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक और संचालक राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर प्रदीप वासुदेव ने 20 जनवरी को पूरे मामले की जांच के लिए क्षेत्र संचालक टाइगर रिजर्व बांधवगढ़ को दस्तावेजों के साथ तलब किया है। वन बल प्रमुख (HoFF) को 15 जनवरी को ई मेल से की गई एक लिखित शिकायत में उप संचालक प्रमोद कुमार वर्मा पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि बाघ अभयारण्य में विकास कार्यों के नाम पर भारी राशि खर्च की गई, लेकिन कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवालों में है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गईं और कुछ कार्य बिना उचित स्वीकृति के कराए गए हैं।
शिकायतकर्ता का दावा है कि सरकारी धन का उपयोग निजी हितों के लिए किया गया और बिलों में हेराफेरी कर राशि निकाली गई। इसके अलावा निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग और तय मानकों की अनदेखी के भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया में विकास निधि में 16 करोड़ रुपए का बजट है जिसमें से बैक डेट में चार से पांच करोड रुपए खर्च किए जा चुके हैं। शासकीय कार्य के लिए गैर अनुबंधित वाहन के उपयोग का आरोप शिकायतकर्ता एक्टिविस्ट सुशील लेवी का आरोप है कि एनएच इंडस्ट्रीज के संचालक नीरज तिवारी की फर्म के नाम पर फर्जी बिल पास कर राशि का गबन किया गया है। तिवारी के नाम पर रजिस्टर्ड बोलेरो वाहन एमपी 04 जेडएस 3140 का हर माह किराया 25000 रुपए दिया जा रहा है, डीजल खर्च भी ₹25000 बताया जा रहा है जबकि यह गैर टैक्सी कोटे का निजी वाहन किसी प्रकार से शासकीय कार्य के लिए अनुबंधित नहीं है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि महालक्ष्मी ट्रेडर्स के नाम से काफी फर्जी बिल बनाए गए हैं। एनएच इंडस्ट्रीज फर्म पहले शिवपुरी जिले में काम करती थी जहां प्रकाश वर्मा कूनो नेशनल पार्क की डिप्टी डायरेक्टर के रूप में पदस्थ रहे हैं। बाघों के गायब होने का आरोप लगाकर जांच की मांग शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंतर्गत निर्माण कार्य में बिना रॉयल्टी के व बिना ईटीपी के बिल पास कर राशि का गबन किया गया है। यहां के निर्माण कार्यों में यही स्थिति है। यहीं मौजूद नदी- नालों के रेत का उपयोग किया जाता है और अवैध खनन होता है जिसकी पुष्टि खनिज विभाग की मदद से की जा सकती है। यह भी आरोप लगाए गए हैं कि एनएच इंडस्ट्रीज के संचालक नीरज तिवारी के साथ प्रकाश वर्मा को अक्सर टाइगर रिजर्व में नाइट सफारी करते देखा गया है। एक अन्य गंभीर आरोप यह है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार के अलावा बाघों की गायब होने की शिकायत भी मिली है, इसके भी जांच की मांग की गई है। इन्हें सौंपी है जांच, 20 को दस्तावेज की होगी जांच
उप संचालक पीके वर्मा के विरुद्ध की गई शिकायत के बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक और संचालक राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर प्रदीप वासुदेव को जांच सौंपी गई है और सात दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। वासुदेव ने कहा है कि क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया के उप संचालक बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान उमरिया पीके वर्मा के खिलाफ जांच 20 जनवरी को राज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर में की जाएगी। इसके लिए क्षेत्र संचालक से दस्तावेज तलब किए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें… बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिला बाघ का शव उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े क्षेत्र में शुक्रवार को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही उमरिया सामान्य वन मंडल और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। यह मामला जिला मुख्यालय से सटे पुटपुरा क्षेत्र, पुलिस लाइन के पास का है। यहां बाघ के एक जगह निष्क्रिय पड़े होने की सूचना मिली थी। बाघ को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण और लोग मौके पर जमा हो गए।

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