मेरे सपनों का कवर्धा पर निबंध लिखवा नागरिकों और विद्यार्थियों से लेंगे सुझाव

भास्कर न्यूज | कवर्धा शहर का विकास केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि आम नागरिकों और विद्यार्थियों की सोच से दिशा पाए। इसी उद्देश्य के साथ नगर पालिका कवर्धा ने एक अनूठी पहल की है। मेरे सपनों का कवर्धा.. विषय पर आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता इन दिनों नगर में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यह प्रतियोगिता सिर्फ साहित्यिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर के भविष्य को लेकर सामूहिक मंथन का मंच बनती नजर आ रही है। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी स्वयं स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों के बीच जाकर इस प्रतियोगिता का संदेश दे रहे हैं। उनका कहना है कि आमतौर पर शहर के विकास की योजनाएं प्रशासनिक स्तर पर तय होती हैं। लेकिन इस बार कवर्धा का भविष्य कागजों से नहीं, कलम से तय होगा। वह कलम जो छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों के हाथ में है। आज अंतिम तिथि, अवकाश के दिन में भी खुले रहेंगे काउंटर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अंतिम तिथि 18 जनवरी शाम 5.30 बजे निर्धारित की गई है। नपाध्यक्ष चंद्रवंशी ने बताया कि प्रतिभागियों की सुविधा के लिए शनिवार-रविवार सहित अवकाश के दिनों में भी नगर पालिका परिषद के आवक-जावक शाखा (कक्ष क्रमांक-13) में फॉर्म जमा किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ताकि कोई भी प्रतिभागी अवसर से वंचित न रहे। शहर की समस्याएं और सपने एक साथ कागज पर आएंगे मेरे सपनों का कवर्धा.. विषय के माध्यम से प्रतिभागी नगर विकास, स्वच्छता, हरियाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, संस्कृति- परंपरा, आधुनिकता और नागरिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखेंगे। नगर पालिका का मानना है कि इन निबंधों के माध्यम से प्रशासन को जमीनी स्तर से सुझाव मिलेंगे, जो भविष्य की योजनाओं के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं। स्कूल-कॉलेजों में संवाद विद्यार्थियों में दिखा उत्साह नपाध्यक्ष ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी व हिंदी माध्यम स्कूल, स्वामी करपात्री जी स्कूल, पुत्री शाला कचहरी पारा, पीजी कॉलेज, कन्या कॉलेज सहित कई सरकारी व निजी शिक्षण संस्थानों का दौरा कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। व्यापारिक प्रतिष्ठानों और चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों से भी चर्चा कर उन्हें प्रतियोगिता में भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। इन संवाद में छात्रों ने स्वच्छ शहर, ट्रैफिक व्यवस्था, हरित कवर्धा, रोजगार के अवसर और आधुनिक सुविधाओं को लेकर अपने शुरुआती विचार भी साझा किए।

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