भास्कर संवाददाता | भैरूंदा भैरूंदा में 25 जनवरी को मनाए जाने वाले नर्मदा जयंती महा उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नर्मदा तट के प्रमुख घाटों की सफाई का कार्य प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। छीपानेर, सातदेव, नीलकंठ, मंडी, छिदगांव, अंबा बड़गांव, डिमापुर और बाबरी तक के सभी घाटों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित किया जा रहा है ताकि नर्मदा जयंती पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसी क्रम में शुक्रवार को नीलकंठ घाट पर एक भव्य और ऐतिहासिक आयोजन हुआ। समाजसेवी विजय खंडेलवाल के नेतृत्व में मां नर्मदा को 2100 फीट लंबी चुनरी अर्पित की गई। चुनरी यात्रा और विधिवत पूजन के दौरान घाट पर भक्तिमय वातावरण बना रहा। मां नर्मदा के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भंडारे में 2000 श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की कार्यक्रम के अंतर्गत भंडारे का भी आयोजन किया गया। नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए लगभग 2000 श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की। आयोजन में सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और मां नर्मदा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर समाजसेवी विजय खंडेलवाल ने बताया कि नर्मदा जयंती से पूर्व लगभग 10 दिनों तक विभिन्न धार्मिक और सेवा कार्य किए जाते हैं। इस साल इन आयोजनों की शुरुआत चुनरी यात्रा और भंडारे से की गई है।


