भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा जिला पब्लिक स्कूल समन्वय समिति के तत्वावधान में खेले जा रहे 24वीं गढ़वा जिला अंतर स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता बालिका वर्ग में बीएनटी संत मेरी ने पिछले वर्ष के विजेता शांति निवास हाई स्कूल को सात विकेट से हराकर पहली बार चैंपियन बना। वही जूनियर वर्ग में जवाहर नवोदय विद्यालय ने शांति निवास हाई स्कूल को 51 रन से हराकर चैम्पियन बना। गोविंद हाई स्कूल के मैदान में पहले बल्लेबाजी करते हुए शांति निवास हाई स्कूल ने दिव्या गुप्ता के 12 और गुलाप्सा के 10 रन के सहारे निर्धारित ओवर में पांच विकेट खोकर 61 रन बनाए।जवाबी पारी खेलने उतरी बीएनटी संत मेरी की टीम ने कप्तान खुशी के नाबाद 28 रन के सहारे सात ओवर में ही तीन विकेट खोकर जीत दर्ज करते हुए प्रतियोगिता का चैंपियन बना। जूनियर वर्ग में जवाहर नवोदय विद्यालय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शशिरंजन के 35 रन के बदौलत निर्धारित ओवर में 103 रन बनाए। शांति निवास हाई स्कूल की ओर से पंकज ने पांच विकेट झटके। जवाबी पारी खेलने उतरी शांति निवास हाई स्कूल की टीम 52 रन पर ही सिमट गई। टीम की और आर्यन ने सबसे ज्यादा दस रन बनाएं। जवाहर नवोदय विद्यालय की ओर से हिमांशु ने तीन विकेट लिया। प्लेयर ऑफ द डे का पुरस्कार बीएनटी के खुशी और शांति निवास हाई स्कूल के शशि रंजन को गढ़वा जिला ओलंपिक संघ के संरक्षक राकेश पाल, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, अध्यक्ष मदन प्रसाद केशरी, सचिव आनंद सिन्हा, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार दुबे ने प्रदान किया। इस मौके पर ओलंपिक संघ के संरक्षक राकेश पाल ने कहा कि कोशिश करने वाले की हार नहीं होती है। क्योंकि वे अपने प्रयासों से सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं। इसका जीता जागरण उदाहरण बीएनटी संत मेरी की टीम है। जो फाइनल में प्रवेश के बाद भी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। वहीं इस बार बीएनटी संत मेरी की टीम चैंपियन बना। डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि आज जो बेहतर खेलेंगे वही जीतेगा और चैंपियन टीम जीत की हकदार थी। अध्यक्ष मदन प्रसाद केशरी ने कहा कि प्रतियोगिता अंतिम चरम पर है। प्रतियोगिता का समापन सह पुरस्कार वितरण रविवार को किया जाएगा। इस मौके पर सचिव आनंद सिन्हा, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार दुबे, अभिषेक द्विवेदी, मनीष उपाध्याय, मनोज तिवारी, रोहन तिवारी, मोहित सिन्हा, गौरव दुबे, नैतिक, मोहसिन अंसारी, विकास कुमार यादव, पंकज सोनी, संदीप गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, मनीष पाठक, पंकज कुमार आदि उपस्थित थे।


