शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र में कृषि दवा के कारण किसानों की चने की फसल खराब होने का मामला सामने आया है। खतौरा गांव में संचालित अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र से खरीदी गई इल्ली मारने की दवा के इस्तेमाल से करीब 10 गांवों के किसानों की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने इंदार थाना और कृषि विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की। ग्राम छापी निवासी राजीव यादव (26) ने बताया कि उन्होंने 9 जनवरी 2026 को अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, खतौरा से चने की फसल के लिए 3100 रुपए में एक दवा का ‘पूरा सेट’ खरीदा था। दुकानदार ने इस दवा के इस्तेमाल से प्रति बीघा 6 क्विंटल उत्पादन का दावा किया था। राजीव यादव ने 10 जनवरी को अपने 12 बीघा खेत में दवा का छिड़काव किया। इसके अगले ही दिन चने की पत्तियां सूखने लगीं। किसान ने जब दुकानदार से शिकायत की तो उसे फसल में ग्लूकोज डालने की सलाह दी गई। हालांकि, इससे भी फसल में कोई सुधार नहीं हुआ। बाद में दुकानदार ने स्पष्ट कर दिया कि वह और दवा तो दे सकता है, लेकिन फसल ठीक न होने की जिम्मेदारी उसकी नहीं होगी। कृषि विभाग के एसएडीओ कल्लू सिंह ने जानकारी दी कि किसानों की शिकायत के बाद अग्रवाल कृषि सेवा केंद्र, खतौरा को सील कर दिया गया है। अब तक खतौरा और आसपास के लगभग 10 गांवों के करीब 20 किसानों ने चने की फसल खराब होने की शिकायत दर्ज कराई है। इन सभी किसानों ने इसी दुकान से दवा खरीदी थी। कृषि विभाग की टीम गांव-गांव जाकर किसानों की फसल का निरीक्षण कर रही है और टॉनिक डलवाकर फसल को ठीक करने का प्रयास कर रही है। किसानों के बयान दर्ज करने और फसल के नुकसान का आकलन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


