समाना निवासी समाज सेवक भूपिंदर सिंह गिन्नी ने रविवार को श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद राज्य में धर्म परिवर्तन पर अंकुश लगाने के लिए पंथक मुहिम शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना चुके परिवारों की घर वापसी के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन करने वाले ऐसे परिवार धर्म से गद्दारी नहीं करते, बल्कि मजबूरी में गलत फैसले लेने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने माना कि इसके लिए सिख धार्मिक संस्थाएं भी जिम्मेदार हैं, पर एसजीपीसी ने कोई मुहिम नहीं चलाई। उन्होंने कहा कि समय पर संस्थाओं की कुछ कमजोरियों पर गौर किया और कहा कि कभी-कभी जरूरतमंद परिवारों तक समय पर मदद, गाइडेंस और सोशल सपोर्ट नहीं पहुंच पाता, जिससे परेशान व्यक्ति अकेला महसूस करता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सिख संस्थाएं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझें और जमीनी स्तर पर कमजोर वर्ग का हाथ थामें। ऐसे परिवारों को दोष देने की बजाय पूरे सिख समुदाय की नैतिक और धार्मिक जिम्मेदारी है कि वे उनके दुख को समझें। गिन्नी ने घोषणा की कि पंजाब में धर्म बदलने की लहर को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका मकसद सिर्फ घर वापसी ही नहीं होगा, बल्कि भविष्य में किसी भी परिवार को जबरदस्ती धर्म बदलने से रोकना भी होगा। उन्होंने साफ कहा कि अगर सिख धर्म में घर वापसी के लिए उन्हें किसी भी तरह की आर्थिक, सामाजिक या निजी कीमत चुकानी पड़ी तो वह पीछे नहीं हटेंगे। कोई भी सिख परिवार किसी तरह की सहायता के लिए उनसे संपर्क कर सकता है। उन्होंने भरोसा दिया कि मदद सिर्फ धार्मिक रस्मों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि ऐसे परिवारों को रोजगार, सेहत, शिक्षा और सामाजिक मदद के मामले में भी पूरी मदद मिलेगी।


