महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा: विधायक

भास्कर न्यूज|लोहरदगा रांची के जगन्नाथपुर स्थित आनीटीली के बगल डीपरा मैदान में महाकवि घासीराम महली केंद्रीय स्मारक समिति एवं महली जनजाति विकास मंच, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में महाकवि घासीराम की 167वीं जयंती सह मेला भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11:00 बजे महाकवि घासीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि बंधु तिर्की, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी, तथा नवीन जयसवाल, विधायक, हटिया विधानसभा क्षेत्र, रहे। इसके अलावा पूर्व पार्षद किसन कुमार, आनंद मूर्ति और पार्षद उम्मीदवार परमेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। महली जनजाति विकास मंच के अध्यक्ष ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए जयंती का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल ने महाकवि घासीराम महली की काव्य-परंपरा और उनके योगदान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा है, जो बांस वाद्य, गीत-संगीत और नागपुरी संगीत में विशेष योगदान देता है। डॉ. संजय सारंगी, डॉ. अजय नाथ शाहदेव और प्रो ब्लासियस पन्ना ने भी महाकवि घासीराम के साहित्यिक और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। सांस्कृतिक संध्या में नागपुरी लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। लोक कलाकार महावीर साहू, बिमला देवी, सुखदेव महली सहित अनेक कलाकारों ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उड़ीसा, आसाम, राउकेला, गुमला, लोहरदगा, मांडर, रांची और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, समाजसेवी और कलाकार भी उपस्थित थे। इस भव्य आयोजन में डॉ. बुटन महली और हरि नारायण महली की विशेष भूमिका रही। आयोजन समिति ने अंत में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और जयंती को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया।

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