भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिले में इस वर्ष मटर की खेती ने किसानों के चेहरों पर खुशहाली ला दी है। जैविक खाद, आधुनिक तकनीक और पर्याप्त पानी की उपलब्धता के कारण किसानों को अच्छी पैदावार और मंडी में आकर्षक दाम मिलने से मुनाफा हुआ है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, मटर की खेती कम लागत, जल्दी उपज और निर्यात संभावनाओं के कारण किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। मसमानो गांव के किसान धुर्वा साहू सहित अन्य किसानों ने इस साल लगभग 15 एकड़ से अधिक क्षेत्र में मटर की खेती की है। धुर्वा साहू ने बताया, “पानी की सुविधा और बाजार में अच्छे भाव मिलने से हमारी मेहनत रंग लाई। इस बार मटर की अच्छी पैदावार हुई और इससे हमें पर्याप्त लाभ मिला। अब हम मटर की खेती को अपने गांव के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा मान रहे हैं। लोहरदगा के किसान रामचंद्र उरांव ने बताया, “5 एकड़ में मटर की खेती की और बीज, जैविक खाद व समय पर सिंचाई का ध्यान रखने से अच्छी उपज मिली। मंडी में मटर का भाव अच्छा मिला, जिससे लगभग 1.5 लाख रुपये का लाभ हुआ। यह खेती अब मेरे लिए सबसे भरोसेमंद आय का स्रोत बन गई है। किसान राजेश उरांव ने मटर की खेती से परिवार की आय में सुधार हुआ है। हमने इस बार जैविक खाद का उपयोग किया, जिससे उपज भी अच्छी और गुणवत्ता भी बेहतर रही। मुकेश साहू ने कहा, “सिंचाई और पोषक तत्वों पर विशेष ध्यान देने से मटर की खेती से न केवल आय बढ़ी, बल्कि खेती का नया अनुभव भी मिला। अब हम भविष्य में और अधिक क्षेत्र में मटर की खेती करने की योजना बना रहे हैं। कृषि अधिकारियों का कहना है कि मटर की खेती लोहरदगा में तेजी से फैल रही है। मटर का बीज सस्ती दर पर उपलब्ध होने और सही तकनीकी सलाह मिलने से छोटे एवं बड़े किसान इसका लाभ उठा रहे हैं। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और किसान समाज में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। इस वर्ष की मटर की खेती से स्पष्ट हुआ कि सही तकनीक, पर्याप्त पानी और समय पर देखभाल से किसान कम लागत में उच्च मुनाफा कमा सकते हैं। मसमानो गांव में 15 एकड़ से अधिक मटर की खेती इस बात का जीवंत उदाहरण है, जिसे देखकर अन्य किसानों में भी उत्साह और उम्मीद जग रही है।


