फर्जीवाड़े में 17 फर्जी फर्में शामिल गैंग ने कुल 17 फर्जी फर्मों और कंपनियों के नाम पर म्यूल करंट अकाउंट्स खोले थे। आरोपियों ने जाली केवाईसी दस्तावेज, फर्जी रेंट एग्रीमेंट और अन्य बनावटी सहायक दस्तावेज तैयार करके बैंक में जमा कराए। मुख्य ब्रांच में 20 दिन (19 जून से 9 जुलाई 2024) के भीतर 4 खाते खोले गए। जिनमें लगभग 537 करोड़ का लेन-देन हुआ। गर्ल्स स्कूल ब्रांच में अगस्त 2024 से मार्च 2025 की अवधि में कुल 13 खाते खोले गए। जिनमें लगभग 1084 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था। इन पर केस : बैंक के मुख्य प्रबंधक अमन आनंद, मैसर्स ए वन हाइब्रिड सीड्स, मैसर्स यूनिक कॉस्मेटिक्स, मैसर्स स्टार लैब एंड डायग्नोस्टिक्स, मैसर्स लैगून टूर प्लानर, प्रवीण अरोरा, प्रेम सैन, आतिल खान, रोली, आदित्य गुप्ता, विकास वधवा, एचएच रॉक सॉल्ट सप्लायर पर केस दर्ज किया गया है। जोधपुर | सीबीआई ने श्रीगंगानगर में पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 1621 करोड़ रुपए के फ्रॉड में दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजरों समेत 30 लोगों और फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों ने साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की काली कमाई को सफेद करने के लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया था। सीबीआई ने 21 जुलाई 2025 को पीई दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसमें 13 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार फर्जी कंपनियों के जरिए ये फर्जीवाड़ा किया गया। आरोपियों ने 17 खातों के जरिए हजारों करोड़ रुपए इधर-उधर कर दिए। शेष | पेज 4


