सियासी बवाल:मंच पर भिड़े विधायक और पूर्व विधायक, पुलिस ने बीच-बचाव किया

रूपवास के मेला मैदान में बसंत पशु मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह उस वक्त सरेआम राजनीतिक अखाड़ा बन गया, जब पूर्व विधायक बच्चूसिंह बंशीलाल और वर्तमान विधायक डॉ. ऋतु बनावत मंच पर ही भिड़ गए। महज अंतिम भाषण को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही मिनटों में गाली-गलौज, हंगामे और पुलिस हस्तक्षेप तक पहुंच गया, जिससे पूरे आयोजन की गरिमा तार-तार हो गई।
उद्घाटन कार्यक्रम की शुरुआत महंत नेमीचंद कटारा द्वारा मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद पुलिस बल द्वारा राष्ट्रगीत के साथ ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अतिथि मंचासीन हुए, लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे आयोजन पर सवालिया निशान खड़े कर दिए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सरकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा जैसे ही पूर्व विधायक बच्चूसिंह बंशीलाल को उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया, उन्होंने वर्तमान विधायक डॉ. ऋतु बनावत को पहले बोलने का प्रस्ताव रखा। इसी बात पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषि बंसल और पूर्व विधायक बच्चूसिंह बंशीलाल के बीच तीखी नोंक-झोंक शुरू हो गई, जो कुछ ही पलों में सीधे दोनों विधायकों के आमने-सामने टकराव में बदल गई। हालात इतने बिगड़ गए कि मंच पर ही शब्दों की मर्यादा टूट गई और बात गाली-गलौज तक पहुंच गई। मंच के नीचे मौजूद दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। शब्दों की मर्यादा भूले, गाली-गलौच तक पहुंची गई बात नगरपालिका पर लापरवाही का आरोप… कार्यक्रम में मौजूद आमजन और गणमान्य नागरिकों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और कमजोर मंच संचालन को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना था कि यदि प्रोटोकॉल और वक्ताओं की सूची पहले से तय और सार्वजनिक होती, तो ये नौबत नहीं आती। इस दौरान पर पूर्व विधायक अमर सिंह जाटव, चन्द्रकेश राजावत, खजान सिंह, चंद्रमोहन, नवीन दुबे, कौशू पहलवान, तहसीलदार अमित शर्मा, ईओ योगेश पिप्पल, विकास अधिकारी काजल शर्मा, थानाधिकारी विनोद मीणा, सौरभ सिंघल आदि मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने समझाइश कर मामले को शांत कराया स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। समझाइश के बाद किसी तरह माहौल को शांत कराया गया। हालांकि कार्यक्रम औपचारिक रूप से पूरा कर लिया गया, लेकिन जिस उत्साह, अनुशासन और गरिमा के साथ मेले का शुभारंभ होना चाहिए था, वह पूरी तरह ध्वस्त हो गया। पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक डॉ. ऋतु बनावत ने कहा कि “प्रोटोकॉल के तहत सीमित लोगों को उद्बोधन देना था, इसी को लेकर चर्चा हुई थी।” सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर पहले भी विवादों में रह चुके हैं जनप्रतिनिधि जिले में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर टकराव नया नहीं है। पूर्व में भी सार्वजनिक मंच पर विवाद होते रहे हैं। इससे पहले 18 नवंबर को बयाना में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शिवानी दायमा को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर विधायक ऋतु बनावत मंच छोड़कर चली गई थीं। नवंबर में ही पीएनबी के एक कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष को मुख्य अतिथि बनाने और पूर्व सांसद रंजीता कोली को आमंत्रित नहीं करने पर विवाद हुआ था। इस मामले को लेकर पूर्व सांसद रंजीता कोली ने इसकी शिकायत केंद्रीय कमेटी से की थी। वहीं 27 सितंबर को जसवंत प्रदर्शन व पशु मेला उद्घाटन में भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम नहीं लेने पर भी हंगामा हो चुका है।

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