भास्कर न्यूज |गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गादी श्रीरामपुर में रविवार रात सोनू राम की पत्नी पुतुल देवी (39) और बेटी स्नेहा कुमारी (16) ने एक ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह घटना का खुलासा होने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मां ने साड़ी और बेटी ने दुपट्टे से खपरैल घर में लगे बल्ले में फंदा बनाकर जान दे दी। रविवार रात दोनों खाना खाने के बाद उसी कमरे में सोई थी। सोमवार सुबह करीब 8 बजे तक जब मां-बेटी कमरे से बाहर नहीं निकलीं तो पति सोनू राम उन्हें जगाने गया। दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजे के छोटे छेद से झांककर देखा तो मां-बेटी अलग-अलग फंदे से लटकी दिखीं। यह देख उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। दोनों को फंदे से उतारा गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतका का पति टेंपो चलाकर का परिवार का पालन-पोषण करता है। जानकारी के अनुसार बेटी को भी मां के कर्ज के बारे में पता था और अपनी मां को परेशान देख वह भी परेशान थी। कंपनी के एजेंट ने जब महिला बेटे के मोबाइल पर कुछ िदन पहले फोन कर लोन का िकस्त चुकाने को कहा तो अन्य परिजनों को लोन लेने की बात पता चली थी। लोन की राशि कहां खर्च की पता नहीं : पति मृतका के पति सोनू राम ने बताया कि उनकी पत्नी ने बिना जानकारी दिए माइक्रो फाइनेंस कंपनी से करीब आठ लाख रुपए का लोन लिया था। लोन की राशि कहां और किस काम में खर्च हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। कंपनी की ओर से लगातार तगादा किए जाने के कारण पत्नी पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी से लिया था लोन : थाना प्रभारी मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पुतुल देवी ने शहर के बरगंडा स्थित भारत माइक्रो फाइनेंस कंपनी से करीब 8 लाख रुपए का ऋण लिया था। कंपनी द्वारा बार-बार किस्त चुकाने का दबाव बनाया जा रहा था। एक दिन कंपनी के एजेंट ने मृतका के बेटे के मोबाइल पर फोन कर जल्द लोन चुकाने को कहा था। इसके बाद महिला और अधिक चिंतित रहने लगी। आशंका है िक कर्ज चुकाने में असमर्थता के कारण मां-बेटी ने आत्महत्या की है। लोन कब लिया गया, इसकी जांच की जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।


