मुंबई, दिल्ली के कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत से बांधा समां

भास्कर न्यूज | गिरिडीह अन्नपूर्णा देवी फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को श्री श्याम सेवा समिति ऑडिटोरियम गिरिडीह में आयोजित पद्मभूषण विदुषी गुरु मां अन्नपूर्णा देवी जन्म शताब्दी महोत्सव में मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, इंदौर के कलाकारों ने अपनी कला के जादू से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। महोत्सव की शुरुआत गिरिडीह सदर एसडीओ श्रीकांत यशवंत विस्पुते, संगीत नाटक एकेडमी अवार्डी और गुरु मां अन्नपूर्णा देवी के शिष्य पंडित नित्यानंद हल्दीपुर, अंतर्राष्ट्रीय संगीतज्ञ पंडित शम्भू दयाल केडिया, पंडित मोरमुकुट केडिया, पंडित मनोज केडिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। पहली प्रस्तुति पंडित शंभुदयाल केडिया ने हारमोनियम वादन कर की। हरमोनियम वादन कर सबका मन मोह लिया। उसके बाद इंदौर से आई शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी ने अपने गायन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। दिल्ली से आए तबला वादक देबाशीष अधिकरी ने तबला और कोलकाता के सूरज शर्मा ने हारमोनियम पर बेहतरीन संगत की। झारखंड रत्न केडिया बंधु ने राग हेमंत बजाकर सितार-सरोद की अपनी जुगलबंदी का प्रदर्शन किया। इनके साथ तबले पर दिल्ली से आए पंडित दुर्जय भौमिक ने शानदार संगत की। फिर पुणे से आए पंडित अमोल निशाय ने शास्त्रीय गायन से समां बांध दिया। अंतिम प्रस्तुति में मुंबई से आए पंडित नित्यानंद हल्दीपुर जी ने बांसुरी वादन से संगीत की गहराइयों से श्रोताओं को रूबरू कराया। बांसुरी की तान और धुन सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। इनके साथ तबले पर कोलकाता से आए पंडित सुजीत साहा ने शानदार संगत किया। मंच संचालन संगीत साधना केंद्र के अध्यक्ष नीलकमल भरतीया एवं हर्षित केडिया ने किया। इस अवसर पर एएसपी सुरजीत कुमार, मुंबई से आए सिद्धार्थ श्रीवत्स, राजेंद्र भरतीया, पवन चूड़ीवाला, कृष्णा बगड़िया, सुनील केडिया, सुंदर केडिया, लख्खी गोरीसरिया, बी अगस्त क्रांति कुमार, अजय सिन्हा मंटू, दयाशंकर सिंह, राजीव रंजन, रामकुमार सिन्हा, रमाकांत मिश्रा, बसंत मंडल, सुनील मंथन शर्मा, विश्वजीत सेठ, ओरीत चंद्रा, मनोज जालान, संजीत सिंह, विशेश्वर पाठक, मुकुंद मिश्रा, बद्री दास सहित सैकड़ों संगीत प्रेमी उपस्थित थे।

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