भास्कर न्यूज | राजनांदगांव धर्मापुर के मिशनरी आश्रम से हिरासत में लिए गए पास्टर डेविड चाकों से रही पूछताछ में कई नए खुलासे हो रहे हैं। पास्टर डेविड चाको के पास से कई संदिग्ध पुस्तकें जब्त हुई है। आशंका है कि इसका इस्तेमाल धर्मांतरण के लिए किया जा रहा था। डेविड चाको ने अमेरिका में पढ़ाई की है। जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि पूरे नेटवर्क को संचालित करने के लिए अमेरिका से ही डेविड चाको को फंडिंग किया जा रहा है। इसके लिए बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे हैं। वहीं डेविड ने अपने अभियान के लिए अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति भी की है, जिनका पदनाम पॉल रखा गया है। इनके माध्यम से ही पूरे नेटवर्क को जमीनी स्तर पर फैलाने का अभियान चलाया जा रहा था। वहीं धर्मापुर के मिशनरी आश्रम में दिसंबर में चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी भी पुलिस को मिली है। पुलिस ने दावा किया है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छग के अलावा कई राज्यों से प्रतििनधि के रुप में लोग शामिल हुए हैं। जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में चर्च के हेडक्वार्टर, संचालन प्रक्रिया, प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन स्थल, उसमें सम्मिलित व्यक्तियों व खर्चों के साथ पूरे वित्तीय प्रबंधन की जांच की जा रही है। इसके अलावा प्रशिक्षण के मॉड्यूल का चयन संबंधित जांच जारी है। वहीं विदेशी फंडिंग को किस ढंग से भारत लाया गया। इसकी भी जांच जारी है।


