सरस्वती पूजा 23 जनवरी को है। रांची में सैकड़ों जगहों पर विद्या की देवी की पूजा होती है। कहीं थीम आधारित भव्य पंडाल बन रहा है तो कहीं छोटे पंडाल में ही लोग भक्ति भाव के साथ पूजा करने की तैयारी में हैं। भव्य पंडाल बनाने वाली समितियों ने इसबार लाख रुपए तक की मूर्तियों का ऑर्डर दिया है। रांची में इस बार सबसे महंगी मूर्ति का ऑर्डर हेसाग स्थित एक पूजा समिति ने दिया है। 1.15 लाख की यह मूर्ति कैलाश थीम पर बनाई गई है। दूसरी सबसे महंगी मूर्ति रिम्स में स्थापित होगी जिसकी लागत 1.10 लाख रुपए है। प्रतिमा द्वापर युग व कलयुग की थीम पर बनी है। थीम आधारित ऐसी सैकड़ों मूर्तियां शहर में बनाई जा रही हैं। पीस रोड, पुरानी रांची, थड़पखना, हरमू, हिनू, रातू रोड, मधुकम व अन्य जगहों पर माता रानी की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। पीस रोड के एक मूर्तिकार अलिक पाल ने बताया कि यहां 300 से अधिक मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। अधिकांश मूर्तियां थीम आधारित है। ऐसी मूर्तियां कोलकाता और अन्य राज्यों में बनाए जाते हैं। मूर्ति में 3डी पेंटिंग की जा रही है। कोलकाता की गंगा मिट्टी, लोहरदगा की पंख मिट्टी व नगड़ा मिट्टी से मूर्तियों को आकार दिया जाता है। मूर्तिकार प्रभाकर ने बताया कि सबसे पहले पुआल से ढांचा बनाकर उस पर नगड़ा मिट्टी का लेप दिया जाता है। सूखने के बाद दूसरा लेयर भी नगड़ा मिट्टी से किया जाता है। इसके बाद पंख मिट्टी का उपयोग होता है। अंत में मां का चेहरा, उंगली व मूर्ति को फिनिशिंग देने के लिए गंगा मिट्टी का उपयोग किया जाता है। इस बर विशेष थीम पर मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। कैलाश थीम, सरस्वती थीम पर मूर्ति (इसमें एक ओर ढाक बाजा बजातीं महिलाएं व बच्चे दिख रहे हैं, वही दूसरी ओर पूजा की थाली ले जाते बच्चे हैं। मूर्ति के साथ 12 फीट की वीणा आकर्षक है। बच्चों को शिक्षा देतीं मां, दरबार में हंस रूपी सिंहासन, सरस्वती का बाल रूप, हंसवाहिनी के रूप में आ रहीं मां की मूर्ति, बच्चों को शिक्षा देतीं मां, राम दरबार, शिव दरबार जैसे थीम पर मूर्तियां बनाई गई हैं। अजंता आर्ट में भी मूर्तियां बनाई जा रही हैं। मूर्तिकार अलिक पाल ने कहा कि तैयारी अंतिम चरण में है। साज सज्जा के बाद मूर्तियां 21 से डिलिवरी शुरु होगी। इस साल बाजार बहुत ही अच्छा रहा। ज्यादातर इस साल मूर्तियां थीम बेस्ड ही डिमांड में है। 10 इंच से लेकर 14 फीट की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। इनकी कीमत 300 से एक लाख रुपए तक है। मूर्तियों को बनाने के लिए कोलकाता से मिट्टी लाई जाती है। साज-सज्जा का सामान कोलकाता, सूरत व बंगाल से मंगाए गए हैं। कुम्हारटोली संग्राम चौक के डॉली कुमारी ने बताया कि हमारे पास 8 इंच से 15 फीट तक की मूर्तियां हैं। इसकी कीमत 300 से 25000 तक है। सरस्वती मां की दुल्हन रूप में मूर्ति सबसे आकर्षक है।


